जमशेदपुर : रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूम बच्चे अंश और अंशिका को 14 जनवरी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बच्चों की तलाश में अहम भूमिका निभाने का दावा बजरंगदल ने किया है। विहिप के अनुसार, रामगढ़ जिले के चितरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पहाड़ी इलाके में बंजारों की बस्ती में बच्चों के होने की सूचना मिलने पर चितरपुर समिति के बजरंगदल कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, बबलू साहू और सचिन कुमार ने तत्काल रामगढ़ पुलिस से संपर्क किया। पुलिस प्रशासन के सहयोग से बच्चों को मौके पर पहुंची पुलिस टीम को सौंप दिया गया।


गौरतलब है कि झारखंड सरकार द्वारा बच्चों की सकुशल बरामदगी के लिए 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। इस मामले को लेकर विहिप सिंहभूम विभाग मंत्री अरुण सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि झारखंड पुलिस मुख्यालय में डीजीपी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजरंगदल का नाम नहीं लिया गया, जो सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
अरुण सिंह ने कहा कि बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने किसी इनाम की लालसा में नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए बच्चों को खोज निकाला। ऐसे में जिन कार्यकर्ताओं—सचिन प्रजापति, बबलू साहू और सचिन कुमार—ने इस सराहनीय कार्य को अंजाम दिया, उनकी सार्वजनिक रूप से प्रशंसा और सम्मान होना चाहिए था। ऐसा न होने से विहिप और बजरंगदल संगठन आहत है।
विहिप ने झारखंड सरकार और माननीय मुख्यमंत्री से मांग की है कि बजरंगदल के उक्त कार्यकर्ताओं को इस उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया जाए और सरकार द्वारा घोषित इनाम की राशि भी उन्हीं को प्रदान की जाए।
