- ASG आई हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जांची बच्चों की आंखें, 20 बच्चों में मिली पावर की समस्या।
- संस्था आगे के इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन से करेगी बात।
- अभिभावकों से अपील: बच्चों को मोबाइल-टीवी से दूर रख आउटडोर गेम्स के लिए करें प्रेरित।
जमशेदपुर : बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य को समर्पित सामाजिक संस्था ‘अस्तित्व’ के सौजन्य से टिनप्लेट स्थित आंध्रा मिडिल स्कूल में एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का भव्य आयोजन किया गया। संस्था की जिला अध्यक्ष अन्नू चौबे के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में ASG आई हॉस्पिटल के प्रतिष्ठित डॉक्टरों की टीम (मोहम्मद इमरान, करण कुमार और नैना सागर) ने बच्चों के आंखों की बारीकी से जांच की और उन्हें उचित चिकित्सीय परामर्श दिया।



20 बच्चों में पाई गई दृष्टि (पावर) की समस्या
शिविर के दौरान स्कूल के करीब 100 छात्र-छात्राओं के आंखों की जांच की गई, जिसमें से 20 बच्चों में दृष्टि दोष (पावर की समस्या) पाया गया। इस पर संस्था के पदाधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अभिभावकों को आश्वस्त किया कि ‘अस्तित्व’ संस्था इन बच्चों के बेहतर और उचित इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन से विशेष बातचीत करेगी, ताकि उन्हें समय पर राहत मिल सके।
प्रिंसिपल ने खुद जांच कराकर किया शिविर का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत आंध्रा मिडिल स्कूल के प्रधानाचार्य श्री वसंत कुमार मिश्रा ने स्वयं अपनी आंखों की जांच कराकर की। शिविर में मुख्य रूप से स्कूल के सेक्रेटरी ए. रमेश राव और पंडित मनमोहन चौबे उपस्थित रहे। वहीं, फाउंड्री यूनियन मध्य विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री राजीव कुमार ठाकुर ने भी विशेष रूप से उपस्थित होकर बच्चों के बीच चॉकलेट बांटी। इसके साथ ही संस्था की ओर से बच्चों को पढ़ाई और क्रिएटिविटी के लिए कलर पेंसिल का वितरण किया गया।
अतिथियों ने बच्चों को दीं महत्वपूर्ण सीख:
- नियमित जांच जरूरी: संस्था की संस्थापक सदस्य सह सचिव श्रीमती मीरा तिवारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच बेहद जरूरी है, ताकि सही समय पर बीमारी का पता लगाकर उसका इलाज किया जा सके।
- मोबाइल है हानिकारक: प्रधानाचार्य श्री बसंत कुमार मिश्रा ने बच्चों को समझाया कि मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल उनकी आंखों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है।
- विद्या ददाति विनयं: पंडित मनमोहन चौबे ने बच्चों को पढ़ाई पर फोकस करने की सलाह देते हुए कहा कि “विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्” अर्थात विद्या से ही विनय (विनम्रता) आती है और विनम्र व्यक्ति ही जीवन में पात्रता और सफलता हासिल करता है।
- सोशल मीडिया से दूरी बनाएं: जिला अध्यक्ष अन्नू चौबे ने वर्तमान दौर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया के जमाने में बच्चों का बाहरी खेल (आउटडोर गेम्स) बहुत कम हो गया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर कर मैदानों में खेलने या इनडोर गेम्स के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में संस्था की कार्यकर्ता मो. आचार्या, स्मिता जी के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षक एस.एन. राजू, संजय सिंह, शालिनी खलखो, सुनीता शर्मा, पूनम शर्मा, पार्वती मुंडा और ए. ललिता ने भी अपना महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान दिया।
– ब्यूरो रिपोर्ट, लोकतंत्र सवेरा



