जमशेदपुर : सनातन उत्सव समिति के संस्थापक वीर सिंह ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यदि भारत को वास्तव में “विश्व गुरु” बनाना है, तो शिक्षा नीति के साथ प्रयोग और छेड़छाड़ बंद करनी होगी। वीर सिंह ने कहा कि UGC के वर्तमान नियम शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था, अविश्वास और तनाव उत्पन्न करेंगे, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नियम सुधार के नाम पर शिक्षा को कमजोर करने का प्रयास हैं।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“शिक्षा राष्ट्र की रीढ़ है। यदि इसी में अस्थिरता और विभाजन पैदा किया जाएगा, तो देश का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा? हम मांग करते हैं कि UGC अपने इन नियमों को तत्काल निरस्त करे।” वीर सिंह ने आगे कहा कि शिक्षा में योग्यता, समान अवसर और समरसता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि ऐसी नीतियों को जो समाज को बाँटने का काम करें। यदि जनभावनाओं की अनदेखी जारी रही, तो सनातन उत्सव समिति जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।
उन्होंने सरकार और UGC से अपील की कि वे जनहित, छात्रों और शिक्षकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें और शिक्षा व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित छेड़छाड़ बंद करें।
