जमशेदपुर : नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को देश का 80वां राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि, कुलसचिव नागेंद्र सिंह, मुख्य वित्तीय अधिकारी वाई. ज्योति लक्ष्मी, मुख्य विपणन अधिकारी तनवीर आलम, नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल राखामाईंस की प्राचार्या वाई. मंगा लक्ष्मी, विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री मृत्युंजय झा, डॉ. आर एन शर्मा सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने किया ध्वजारोहण, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां…
समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में अतिथियों के स्वागत से हुई। विश्वविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का पुष्पगुच्छ प्रदान कर अभिनंदन किया गया। इसके बाद कुलाधिपति, कुलपति सहित सभी अतिथि, शिक्षक, प्रशासनिक एवं शैक्षणिक अधिकारी तथा विद्यार्थी ध्वजारोहण स्थल की ओर रवाना हुए। मुख्य अतिथि कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान से पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा. ध्वजारोहण के बाद नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल, पोखारी की बैंड टीम तथा विश्वविद्यालय के सुरक्षा जवानों ने शानदार मार्च-पास्ट एवं ड्रिल प्रस्तुत की। अनुशासित कदमताल और बैंड की देशभक्ति धुनों ने समारोह में उत्साह और गौरव का वातावरण बना दिया। उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
समारोह का अगला आकर्षण विश्वविद्यालय एवं विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और भारतीय संस्कृति की विविधता को जीवंत किया। प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को भावविभोर कर दिया. इस अवसर पर कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर है। वर्त्तमान समय अभिभाषण का नहीं क्रियान्वयन का है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से प्राप्त आजादी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है। युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाला नागरिक बनाना है।
कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझे। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि युवा नई सोच, तकनीकी दक्षता और रचनात्मक क्षमता के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ सांस्कृतिक, सामाजिक और राष्ट्रीय मूल्यों को भी बढ़ावा दे रहा है. समारोह के अंत में अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की तथा सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया। समारोह ने विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच राष्ट्रीय गौरव एवं जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।



























































