जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज के लिए 14 मार्च का दिन बेहद निर्णायक होने वाला है। कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 38 नई पोस्ट ग्रेजुएट (PG) सीटों को मंजूरी दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) की टीम भौतिक निरीक्षण करने पहुँच रही है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की होगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, 14 मार्च को होने वाले इस निरीक्षण में NMC की टीम कॉलेज के नए कैंपस, अस्पताल की ओपीडी (OPD) संख्या, बेड क्षमता और सबसे महत्वपूर्ण—फैकल्टी की उपलब्धता की बारीकी से जांच करेगी। कॉलेज प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों में इन्फ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक उपकरणों की कमी को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होगी दूर
वर्तमान में एमजीएम में लगभग 51 पीजी सीटें हैं। यदि 38 नई सीटों को हरी झंडी मिल जाती है, तो कुल सीटों की संख्या बढ़कर 89 हो जाएगी। इससे न केवल मेडिकल छात्रों को फायदा होगा, बल्कि अस्पताल को भी अधिक संख्या में ‘रेजिडेंट डॉक्टर’ मिलेंगे, जिससे मरीजों के इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा।
किन विभागों पर है नजर?
बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव में क्लिनिकल और नॉन-क्लिनिकल दोनों तरह के विभागों को शामिल किया गया है। विशेष रूप से:
- सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स और गायनोकोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
- नए हॉस्टल और नई लैब सुविधाओं को भी निरीक्षण का मुख्य हिस्सा माना जा रहा है।
कॉलेज प्रबंधन का कहना है: “हम निरीक्षण के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फैकल्टी की कमी को पूरा कर लिया गया है और हमें उम्मीद है कि इस बार सभी 38 सीटों पर सहमति मिल जाएगी।”
