जमशेदपुर : पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2025 में शामिल होने आए सैकड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से करीम सिटी कॉलेज और जेकेएस कॉलेज परीक्षा केंद्र के पास एक हेल्प डेस्क और सेवा शिविर लगाया गया।परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से आए कई छात्र परीक्षा केंद्र का पता ठीक से न जानने के कारण रास्ता भटक गए थे। ऐसे में ट्रस्ट की ओर से बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई, जिसके माध्यम से इन छात्रों को सुरक्षित और समय पर उनके सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया।
इस सेवा में मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी, रिजवान उज्जमा, मोहम्मद जमशेद अली और मास्टर सिराजुल हक ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन्होंने बस स्टैंड और अन्य स्थानों से पहुंचे छात्रों को अपनी बाइक से परीक्षा केंद्र तक पहुँचाया, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली। भीषण गर्मी को देखते हुए ट्रस्ट ने अभिभावकों और प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए राहत शिविर भी लगाया। इस शिविर में चना, मिनरल वाटर, रसना, शरबत और बिस्किट जैसी उपयोगी चीजें नि:शुल्क वितरित की गईं। इस सेवा का लाभ लेने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों ने ट्रस्ट की इस पहल की खूब सराहना की।
इस शिविर में ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के ट्रस्टी सैयद आसिफ अख्तर, अध्यक्ष मतीन उल हक अंसारी, मुख्तार आलम खान (ब्रांड एंबेसडर, मानगो नगर निगम), ताहिर हुसैन, रिजवान उज्जमा, मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी, मोहम्मद जमशेद अली, सैयद साजिद परवेज (मैस कम्युनिकेशन, करीम सिटी कॉलेज), मास्टर सिराजुल हक, मास्टर खुर्शीद खान, शाहिद परवेज, नादिर खान, मोहम्मद अली, मास्टर सिद्दीक अली और जमशेद अली ने स्वयं सेवक के रूप में भाग लिया। सभी ने मिलकर शरबत, चना और अन्य सामग्री अपने हाथों से लोगों को वितरित की और सेवा कार्य में पूरे मन से सहयोग दिया।
शिविर में उपस्थित अभिभावकों और छात्रों ने इस सेवा कार्य की खूब सराहना की। कई अभिभावकों ने कहा कि गर्मी और भीड़ के बीच इस प्रकार की सेवा बहुत उपयोगी रही। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी सेवाएं झारखंड के अन्य जिलों में भी शुरू होनी चाहिए, जिससे हर जरूरतमंद को परीक्षा के दिन सहारा मिल सके। ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट की यह पहल न केवल एक सामाजिक सेवा का उदाहरण बनी, बल्कि इससे यह भी साबित हुआ कि सामूहिक प्रयास से किसी भी मुश्किल घड़ी में समाज का सहयोग किया जा सकता है। यह शिविर छात्रों के लिए सहयोग का हाथ बना और अभिभावकों के लिए गर्मी से राहत का माध्यम।
