जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में प्रस्तावित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के लिए पर्यावरणीय मंजूरी (Environment Clearance) की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, इसके लिए पहले केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) से स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लियरेंस प्राप्त होना जरूरी है। AAI के अनुसार, जैसे ही धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को स्टेज-1 वन स्वीकृति मिलती है, उसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर्यावरण मंजूरी के लिए औपचारिक आवेदन करेगा। इससे स्पष्ट है कि परियोजना की आगे की प्रक्रिया फिलहाल वन स्वीकृति से जुड़ी हुई है।

धालभूमगढ़ में प्रस्तावित एयरपोर्ट को जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। वर्तमान में जमशेदपुर के लिए नियमित वाणिज्यिक हवाई सेवा की सीमित उपलब्धता के कारण स्थानीय यात्रियों, उद्योग जगत, व्यापारियों और कंपनियों को हवाई यात्रा के लिए अन्य विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के विकसित होने से क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
फॉरेस्ट क्लियरेंस के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना के लिए वन भूमि और उससे जुड़े पर्यावरणीय पहलुओं को लेकर आवश्यक स्वीकृतियां महत्वपूर्ण हैं। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लियरेंस मिलने के बाद परियोजना की अगली औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। इसी क्रम में AAI पर्यावरण मंजूरी के लिए आवेदन करेगा। पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया में परियोजना के पर्यावरण पर संभावित प्रभाव, भूमि उपयोग, वन क्षेत्र, वन्यजीव और अन्य संबंधित पहलुओं का अध्ययन किया जाता है। संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत आवश्यक रिपोर्ट एवं दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।
जमशेदपुर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है एयरपोर्ट
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को लेकर लंबे समय से जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र में उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। जमशेदपुर देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है और यहां बड़े उद्योगों के अलावा छोटे एवं मध्यम स्तर के व्यवसाय भी संचालित होते हैं। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने से उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है। एयरपोर्ट के शुरू होने से जमशेदपुर, घाटशिला, मुसाबनी, चाकुलिया, बहरागोड़ा सहित पूर्वी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी हवाई यात्रा की सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा पर्यटन, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अभी फॉरेस्ट क्लियरेंस पर टिकी निगाहें
फिलहाल धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना की अगली बड़ी कड़ी स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लियरेंस है। AAI की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह स्वीकृति मिलने के बाद ही पर्यावरण मंजूरी के लिए आवेदन किया जाएगा। इसलिए अब परियोजना से जुड़े लोगों और क्षेत्रवासियों की निगाहें केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित वन स्वीकृति की प्रक्रिया पर टिकी हैं।
स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लियरेंस मिलने के बाद पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ने से धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को एक और महत्वपूर्ण चरण पार करने का मौका मिलेगा। हालांकि, एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन की अंतिम समय-सीमा विभिन्न वैधानिक स्वीकृतियों और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को जमशेदपुर की भविष्य की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि आवश्यक वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियां समय पर पूरी होती हैं, तो धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता और स्पष्ट हो सकता है।



























































