जमशेदपुर/घाटशिला : 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर घाटशिला स्थित सरस्वती विद्या शिशु मंदिर में देशभक्ति और उत्साह से परिपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा नेत्री एवं समाजसेवी डॉ. सुनीता देबदुत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विधिवत ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इसके पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ, जिससे पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।
इस अवसर पर उपस्थित छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों को संबोधित करते हुए डॉ. सुनीता देबदुत सोरेन ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने वाला महत्वपूर्ण दिवस है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है, जिन्हें निभाकर ही हम एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
डॉ. सोरेन ने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की असली ताकत उसकी युवा पीढ़ी होती है। यदि युवाओं को संस्कारयुक्त शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ा जाए, तो देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने छात्रों से लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन करने तथा समाज व राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने शिक्षकों के योगदान को भी सराहा और कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाले नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखते हैं। शिक्षकों के समर्पण और मार्गदर्शन से ही देश को योग्य, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक प्राप्त होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों द्वारा देशभक्ति गीतों एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की प्रस्तुति दी गई, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। समारोह में विद्यालय परिवार के साथ-साथ प्रधानाचार्य लखन कर्माली, राजा कर्मकार, बिरेंद्र कुमार मरांडी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे. समारोह का समापन राष्ट्रगान एवं देशहित में कार्य करने के संकल्प के साथ किया गया।
