जमशेदपुर : दिल्ली पुलिस और झारखंड एटीएस की संयुक्त टीम ने सोमवार को गोलमुरी और कपाली इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी कर तीन अफगानी नागरिकों समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज रैकेट से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है।
🔍 कौन-कौन हिरासत में ?…..
हिरासत में लिए गए लोगों में मो. इश्तियाक अहमद, मो. अनवर खान और लुब्बू शामिल हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति को कपाली क्षेत्र से पकड़ा गया है। सभी को गोलमुरी थाना लाकर पूछताछ की जा रही है।
📂 फर्जी दस्तावेजों का जाल…..
सूत्रों के अनुसार ये लोग अफगानिस्तान के काबुल के रहने वाले बताए जा रहे हैं और लंबे समय से परिवार के साथ एक ही फ्लैट में रह रहे थे। आरोप है कि इनके पास पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज फर्जी तरीके से बनाए गए थे, और वे मतदान भी कर चुके हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग सूध-ब्याज का अवैध कारोबार भी कर रहे थे।
🕵️♂️ दिल्ली से जुड़ा कनेक्शन…..
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दिल्ली पुलिस ने अगस्त 2025 में फर्जी पासपोर्ट रैकेट के मामले में मोहम्मद आदिल हुसैनी को गिरफ्तार किया था, जिसका नेटवर्क जमशेदपुर तक फैला हुआ है। आदिल के संपर्क में रहने वाले कई लोग यहां रहते थे और दो पासपोर्ट बनवाने में फर्जीवाड़े की बात भी सामने आई है।
🚔 ATS–दिल्ली पुलिस की संयुक्त पूछताछ…..
इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की टीम जांच को आगे बढ़ाने के लिए रांची पहुंची, जहां झारखंड एटीएस के सहयोग से आगे की रणनीति बनाई गई। इसके बाद टीम सोमवार दोपहर जमशेदपुर पहुंची और गोलमुरी व कपाली में छापेमारी कर संदिग्धों को हिरासत में लिया।
अब भी कई राज दफन…..
फिलहाल इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान देने से पुलिस अधिकारी बच रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में फर्जी पासपोर्ट रैकेट से जुड़े कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
सवाल बड़ा है…..
देश की सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज इतने आसानी से कैसे बन गए?
विदेशी नागरिक वर्षों तक सिस्टम को चकमा देकर कैसे रहते रहे?
👉 जांच जारी है… और इस नेटवर्क की परतें एक-एक कर खुलने वाली हैं।
