जमशेदपुर | विशेष रिपोर्ट : जोजोबेड़ा रेलवे फाटक के पास हुए सनसनीखेज संजिव सिंह हत्याकांड में अदालत ने आखिरकार बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। एडीजे-5 मंजू कुमारी की अदालत ने मामले में मुख्य आरोपियों दुबराज नाग और जितेंद्र सिंह को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर 21 जनवरी को निर्णय सुनाया जाएगा।
कोर्ट का कड़ा रुख, आरोपी करार दोषी…..
करीब 10 साल पुराने इस बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत ने साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर यह साफ कर दिया कि संजीव सिंह की हत्या रंजिश और साजिश के तहत की गई थी। फैसले के बाद कोर्ट परिसर में माहौल गर्म हो गया, दोनों आरोपियों के समर्थक मायूस नजर आए।
कैसे हुई थी हत्या?…..
12 मई 2016 की सुबह करीब 9 बजे, जमीन कारोबारी संजिव सिंह अपनी निजी गाड़ी से सोपोड़ा की ओर जा रहे थे। जोजोबेड़ा रेलवे फाटक बंद होने पर जैसे ही उनकी गाड़ी रुकी, पहले से घात लगाए अपराधियों ने पीछे से हमला कर दिया।फिल्मी अंदाज में ताबड़तोड़ फायरिंग कर संजीव सिंह की मौके पर ही हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद गोविंदपुर थाना में मामला दर्ज हुआ था।
5 हजार रुपए प्रति कट्ठा, पुरानी दुश्मनी बनी वजह…..
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते सुपारी देकर संजीव सिंह की हत्या कराई गई थी। हत्या के पीछे जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा गहरा विवाद सामने आया।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा, आरोपी न्यायिक हिरासत में…..
फैसला सुनते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दुबराज नाग और जितेंद्र सिंह को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
10 साल बाद इंसाफ की जीत…..
करीब एक दशक तक चले इस मामले में अदालत का फैसला पीड़ित परिवार के लिए इंसाफ की उम्मीद बनकर आया है। अब सभी की निगाहें 21 जनवरी पर टिकी हैं, जब सजा का ऐलान होगा।
