जमशेदपुर : पुलिस हिरासत में जीत महतो की मृत्यु को लेकर उठ रहे सवालों और एमजीएम थाना पुलिस की कार्यशैली पर लग रहे आरोपों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। एसएसपी ने कहा कि जीत महतो की मृत्यु पुलिस प्रताड़ना से नहीं, बल्कि ब्रेन मलेरिया (Cerebral Malaria) के कारण हुई है। घटनाक्रम और चिकित्सा तथ्य एसएसपी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार बीमारी और इलाज: जीत महतो लंबे समय से अस्वस्थ था। स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने पर उसे 29 दिसंबर 2025 को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मृत्यु : निरंतर उपचार के बावजूद 31 दिसंबर 2025 को उसकी मृत्यु हो गई।
पोस्टमार्टम: पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए दंडाधिकारी की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया तथा वीडियोग्राफी भी कराई गई।
जांच के प्रमुख निष्कर्ष…..
मेडिकल रिपोर्ट और दंडाधिकारी द्वारा तैयार पंचनामा के आधार पर प्रशासन ने निम्न तथ्य सामने रखे।
मेडिकल पुष्टि : चिकित्सकों ने इलाज के दौरान पाए गए लक्षणों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु का कारण ब्रेन मलेरिया बताया है।
चोट के निशान नहीं : पंचनामा में स्पष्ट उल्लेख है कि मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट या जख्म का निशान नहीं पाया गया। इससे हिरासत में प्रताड़ना के दावे खारिज होते हैं।
आर्थिक सहायता पर स्पष्टीकरण : सोशल मीडिया पर चर्चित ‘मुआवजा राशि’ को लेकर बताया गया कि परिजनों को दी गई सहायता पुलिस विभाग द्वारा नहीं, बल्कि एक स्थानीय समाजसेवी द्वारा मानवीय आधार पर प्रदान की गई थी।
एसएसपी ने दोहराया कि प्रशासन ने पूरे मामले में पारदर्शिता बरती है और चिकित्सा साक्ष्य व दंडाधिकारी की जांच से यह स्पष्ट है कि जीत महतो की मृत्यु प्राकृतिक कारणों (बीमारी) से हुई है।
