जमशेदपुर/घाटशिला : डॉ. सुनीता देबदुत सोरेन गालुडीह क्षेत्र अंतर्गत आमचुरिया गांव में आयोजित हरी-कीर्तन कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सोरेन ने कहा कि हरी-कीर्तन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारा मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन लोगों के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और समाज को संस्कारवान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में इस प्रकार के कार्यक्रम हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान को जीवित रखते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में समाज का एकजुट रहना सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब समाज संगठित रहेगा तभी क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो पाएगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आपसी मतभेदों को दूर कर प्रेम, सहयोग और सम्मान की भावना को बढ़ावा देते हैं।
डॉ. सोरेन ने ग्रामीणों से नशामुक्त समाज के निर्माण, बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और बेटियों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही सशक्त समाज का निर्माण करता है और गांव के विकास की असली ताकत युवाओं के हाथों में है। साथ ही उन्होंने महिलाओं को स्वावलंबी बनने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया. इस अवसर पर मुख्य रूप से कृष्णंदु सोरेन, जगदीश महतो, लीला गोप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
