जमशेदपुर : जुगसलाई स्थित जलापूर्ति केंद्र के अंतर्गत जल उपचार संयत्र की बदहाली एवं कुव्यवस्था के कारण सालों से तकरीबन 75-80 हजार की आबादी प्रभावित है पर संबंधित विभाग की उदासीनता अपने चरम पर है जिसकी वजह से स्थानीय निवासी दूषित जल के सेवन को बाध्य हैं। आज इसी समस्या को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनकर ने जलापूर्ति केंद्र के जल उपचार संयत्र का दौरा किया एवं वस्तुस्थिति को समझा।
विदित हो कि एक अर्से से शुद्ध पेय जल की उपलब्धता जुगसलाई निवासियों के लिए एक बड़ी समस्या रहीं है। इस संदर्भ में बीते मंगलवार को धर्मेन्द्र सोनकर के नेतृत्व में जुगसलाई के सैकड़ों स्थानीय निवासियों एवं जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा था। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मामलें की गंभीरता को समझतें हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश भी दिए थे एवं त्वरित समाधान का आश्वासन भी दिया था।
पर तीन दिनों के बाद भी इस दिशा में जब ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जुगसलाई निवासियों के आग्रह पर जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनकर ने जल उपचार संयत्र का दौरा किया। पत्रकारों के साथ बातचीत में धर्मेन्द्र सोनकर ने बताया कि स्वच्छ जल की उपलब्धता किसी भी नागरिक का बुनियादी अधिकार है एवं स्वच्छ जल की आपूर्ति को सुनिश्चित करना सरकार की नैतिई जिम्मेदारी भी। पर चंद प्रशासनिक अधिकारियों के निहित स्वार्थ जनित लापरवाहियों के कारण सरकार की कई योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुँच पाती हैं। हांलाकि इस मामलें में ज्ञापन सौंपने के उपरांत उपायुक्त महोदय ने तुरंत कार्रवाई का आदेश भी दिया था जिसके फलस्वरूप जुगसलाई नगरपालिका के विशेष पदाधिकारी संदीप पासवान ने जलापूर्ति केंद्र का दौरा भी किया था पर तमाम खानापूर्तियों के बावजूद शुद्ध जल की उपलब्धता को लेकर अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
धर्मेन्द्र सोनकर ने आगे विस्तार में बताया कि संबंधित जल उपचार संयत्र की शुरूआत 2011 में हुई थी एवं दो वर्षों तक विभाग द्वारा संचालित किए जाने के बाद संभवतः 2013 से इसे वार्षिक रखरखाव हेतु निजी ठेकेदारों के हाथों में सौंप दिया गया। ध्यातव्य हैं कि पिछ्ले कई वर्षों से इस जल उपचार संयत्र का संचालक एक ही ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। रखरखाव का ठेका चाहें जिसे दिया जाए पर संचालन गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो एवं आम जनता को शुद्ध पेय जल मिलें, यह स्थानीय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की जिम्मेदारी है और उनसे यह सवाल जरूर पूछा जाना चाहिए कि आखिर क्या कारण हैं कि वर्षों से जल उपचार संयत्र की घोर अनदेखी एवं कुव्यवस्था के बावजूद भी संबंधित अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहीं है एवं स्थानीय निवासियों को दूषित जल के इस्तेमाल को विवश होना पड़ रहा हैं।
सनद रहें कि उपायुक्त के आदेश के बाद जुगसलाई नगरपालिका के विशेष पदाधिकारी संदीप पासवान ने जल उपचार संयत्र का निरिक्षण तो किया था पर अब तक पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार एवं कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार ने इस मामलें में कोई सुध नहीं ली है। धर्मेन्द्र सोनकर ने संबंधित विभाग के पदाधिकारियों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर जल्द ही इस दिशा में सार्थक जमीनी कदम नहीं उठाए जातें तो जिला कांग्रेस अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी को निभाने से पीछे नहीं हटेगा। मौके पर धर्मेन्द्र सोनकर के साथ सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासी एवं जिला कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
