जमशेदपुर : लौहनगरी के प्रतिष्ठित मर्सी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और मरीजों के बीच ‘मसीहा’ के रूप में विख्यात डॉ. तमाल देव का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने मर्सी अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे कोल्हान क्षेत्र के चिकित्सा जगत और आम जनता में शोक की लहर दौड़ गई है।
42 वर्षों का निस्वार्थ सेवा सफर
डॉ. तमाल देव वर्ष 1983 में मर्सी अस्पताल से जुड़े थे। पिछले 42 वर्षों से वे निरंतर मानवता की सेवा में समर्पित रहे। उनकी कार्यशैली और मृदु व्यवहार का ही प्रभाव था कि कोल्हान के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज केवल उन्हीं से इलाज कराने की जिद करते थे। अस्पताल के सहकर्मियों के अनुसार, डॉ. देव की यह विशेषता थी कि वे अस्पताल में भर्ती लगभग हर मरीज को व्यक्तिगत रूप से देखना अपनी जिम्मेदारी समझते थे।
अस्पताल ने खोया अपना ‘अभिभावक’
डॉ. देव के निधन पर अस्पताल परिसर में शोक सभा आयोजित की गई, जहाँ सिस्टर्स और चिकित्सकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रशासक सिस्टर जेसी ने कहा, “डॉ. तमाल देव हमारे लिए केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि अस्पताल के अभिभावक थे। मरीजों के लिए वे किसी भगवान से कम नहीं थे।” डॉ. देव अपने पीछे पत्नी, बड़े भाई, भाभी और भतीजे सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
सम्मान में कल OPD बंद
डॉ.तमाल देव के सम्मान और उनके प्रति शोक व्यक्त करने के लिए मर्सी अस्पताल प्रबंधन ने 10 जनवरी को अस्पताल की ओपीडी (OPD) बंद रखने का निर्णय लिया है। डॉ. तमाल देव की निस्वार्थ सेवाएं और समर्पण आने वाली पीढ़ी के चिकित्सकों के लिए हमेशा एक प्रेरणा पुंज बनी रहेंगी।
