सालडीह बस्ती में कैंसर ने उजाड़ दिया एक परिवार — पिता की दोनों आंखें जा चुकीं, अब मासूम बेटी भी बीमारी की चपेट में
जमशेदपुर : आदित्यपुर सालडीह बस्ती निवासी मोहित लोहार का परिवार इन दिनों गहरी त्रासदी और असहाय स्थिति से गुजर रहा है। यह परिवार बीते कुछ वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहा है। बीमारी ने न केवल इस परिवार की खुशियाँ छीन ली हैं, बल्कि उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है।
मोहित लोहार पहले से ही अपनी दोनों आंखों से कैंसर की वजह से दृष्टिहीन हो चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व डॉक्टरों ने उनकी दोनों आंखें कैंसर की वजह से निकालनी पड़ी थीं। परिवार ने किसी तरह इस दर्द को सहा ही था कि अब उनकी छोटी बेटी भी कैंसर की चपेट में आ गई है।
डॉक्टरों के अनुसार, मोहित लोहार की बेटी की एक आंख में कैंसर ने संक्रमण कर लिया था, जिसके कारण उसकी भी एक आंख निकालनी पड़ी। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। इलाज के लिए लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं, जिससे परिवार पर भारी कर्ज का बोझ आ गया है। वहीं, परिवार की एकमात्र आय का स्रोत — मोहित की छोटी सी दुकान — लंबे समय से बंद है। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है।
समाजसेवियों ने बढ़ाया मदद का हाथ….
परिवार की विकट स्थिति की जानकारी मिलने पर सुमिता होता फाउंडेशन के अध्यक्ष सदनानंद होता ने मोहित लोहाड़ के परिवार से संपर्क किया। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और बताया कि फाउंडेशन इस परिवार के लिए मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी सहायता योजना के तहत मदद का प्रयास कर रहा है।
सदनानंद होता ने कहा कि यह परिवार कैंसर जैसी भयावह बीमारी से लगातार जूझ रहा है — “पहले पिता की आंखें चली गईं, अब मासूम बच्ची को वही दर्द झेलना पड़ रहा है। समाज के सजग नागरिकों को आगे आना चाहिए ताकि यह परिवार फिर से सामान्य जीवन की ओर लौट सके।”
इलाज के लिए बाहर जाना पड़ सकता है……..
डॉक्टरों ने बच्ची के बेहतर इलाज के लिए रांची या बाहर के किसी बड़े अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी है। ऐसे में परिवार को कई दिनों तक बाहर रहना पड़ सकता है, जिससे रहने, खाने और यात्रा का खर्च काफी बढ़ जाएगा। यह खर्च उठाना इस समय परिवार के बस की बात नहीं है।
मदद की अपील…….
सदनानंद होता ने सभी सामाजिक संगठनों, दानवीरों और गणमान्य व्यक्तियों से अपील की है कि वे आगे आकर इस जरूरतमंद परिवार की सहायता करें। उनका कहना है —
“अगर समाज के लोग थोड़ा-थोड़ा सहयोग करें, तो मोहित लोहार की बच्ची को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा और यह परिवार फिर से सामान्य जीवन की राह पर लौट सकेगा।”
