जमशेदपुर : उलिडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत शंकोसाई रोड नंबर 01 निवासी प्रदीप साव की गुमशुदगी का मामला अब हत्या में बदल गया है, आपको बताते चले कि एक दिसंबर को प्रदीप के भाई दीपक साव ने थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई—30 नवंबर की शाम प्रदीप की कुछ युवकों के साथ कहासुनी हुई, विवाद इतना बढ़ा कि हाथापाई शुरू हुई और इसी दौरान आरोपियों ने चापड़ से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को छुपाने के लिए शव को नदी में फेंक दिया गया।
4 दिसंबर को बरामद हुआ शव, छह आरोपी गिरफ्तार…..
तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने 4 दिसंबर को प्रदीप का शव नदी से बरामद कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल चापड़ भी जब्त कर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी — सभी शंकोसाई क्षेत्र के निवासी….
कुन्दन सिंह उर्फ पोलियो, ललित सिंह उर्फ लुधु उर्फ बाबू, रवि उरांव उर्फ बाला, शिबू गोराई उर्फ कॉंचू, रूपेश कुमार, सोनू गोराई
कैसे पकड़े गए आरोपी — तेज कार्रवाई में जुटी पुलिस टीम….
गिरफ्तारी और छापेमारी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी, जिसमें बचनदेव कुजूर, दीपक कुमार ठाकुर, रविन्द्र पांडेय, विजय कुमार और ओलिडीह ओपी के रिजर्व गार्ड शामिल थे। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय इनपुट के आधार पर सभी आरोपियों को दबोच लिया।
छोटा विवाद कैसे बना जानलेवा….?
यह घटना यह दर्शाती है कि छोटी कहासुनी भी कैसे हिंसक रूप ले सकती है। गुमशुदगी की शिकायत से लेकर हत्या का खुलासा होने तक की पूरी प्रक्रिया बताती है कि स्थानीय स्तर पर तनाव को समय रहते नियंत्रित न करना बड़ी वारदातों का कारण बन सकता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने मामले में तेजी से प्रगति की है और सभी आरोपी अब न्यायिक प्रक्रिया में हैं। हालाँकि, यह घटना समाज में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता भी जगाती है।
