जमशेदपुर : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में देवघर विधायक सुरेश पासवान द्वारा माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर मांग पत्र सौंपा गया। इस पहल को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ते हुए शुभम सिन्हा ने इसे एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण कदम बताया है।
श्री सिन्हा ने कहा कि झारखंड की 26.3 प्रतिशत जनसंख्या अनुसूचित जनजाति से है, ऐसे में आदिवासी समुदाय के लिए उच्च शिक्षा एवं शोध संस्थानों का विस्तार अत्यंत आवश्यक बन जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देवघर में पहली ट्राइबल सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।
सिन्हा ने आगे कहा, “समाजवाद इस मांग पत्र का पूर्ण समर्थन करता है। हम माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह करते हैं कि वे इस पर सकारात्मक पहल करें, जिससे आदिवासी समुदाय के शैक्षणिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त हो सके और झारखंड के भविष्य को मजबूत आधार मिले।”
यह मांग न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर सकती है, बल्कि आदिवासी युवाओं के विकास और सशक्तिकरण में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।
