जमशेदपुर : झारखंड क्षत्रिय संघ गम्हरिया इकाई के अध्यक्ष संतोष सिंह का रविवार देर शाम हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे। देवनगरी में आयोजित संघ के पिकनिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे शाम करीब साढ़े पांच बजे अपने घर लौटे थे। घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उन्हें अचानक सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी महसूस हुई। परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और समर्थकों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए टीएमएच परिसर में हंगामा किया और धरने पर बैठ गए।
परिजनों का आरोप है कि पैसे के अभाव में अस्पताल प्रबंधन ने समय पर संतोष सिंह का इलाज शुरू नहीं किया, जिससे उनकी मौत हो गई। सूचना पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी अस्पताल पहुंचे और समाज के लोगों के साथ धरने में शामिल हुए।
उन्होंने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए टाटा प्रबंधन को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में मरीज को समय पर इलाज नहीं करना घोर अमानवीय कृत है इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने टीएमएच में कम से कम 100 बेड गरीबों के लिए आरक्षित करने, मामले की जांच और दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है. आपको बता दें कि संतोष सिंह लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय थे और झारखंड क्षत्रिय संघ की गम्हरिया इकाई को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। उनके निधन से संगठन और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। परिवार में शोक का माहौल है। फिलहाल टीएमएच परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
