जमशेदपुर : अलकायदा संदिग्ध अब्दुल रहमान कटकी, मौलाना कलीमुद्दीन और अब्दुल सामी को जमशेदपुर की अदालत ने आज साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. दिल्ली की स्पेशल टीम ने छापेमारी कर एक-एक कर सभी को गिरफ्तार किया था. कटकी की गिरफ्तारी ओडिशा से की गई थी. अब्दुल सामी को हरियाणा के मेवात से 18 जनवरी 2016 को गिरफ्तार किया गया था. मौलाना कलीमुद्दीन को एटीएस ने 2017 में गिरफ्तार किया था।
कटकी पर आरोप है कि वह अलकायदा।के इंडियन सब-कांटीनेंट का सदस्य है. भारत में आतंकी गतिविधियों को संचालित करता है. इसके लिए युवाओं को भी शामिल कर रहा है. 25 जनवरी 2016 को पुलिस टीम ने उसके साथी धतकीडीह का मसूद और मानगो से राजू उर्फ नसीम को गिरफ्तार किया था. पेशी के दौरान कटकी ने बताया था वह निर्दोष है।
कलीमुद्दीन पर आरोप था कि वह अलकायदा कंटीनेंट संगठन नें रहकर जेहाद और आतंकवादी घटना के लिए युवाओं को ट्रेनिंग देता था. वह संगठन की ओर से चलाए जा रहे जेहादी प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए युवाओं को भेजा करता था. सभी आरोपियों के खिलाफ बिष्टूपुर थाने में 2016 में इंसपेक्टर सह थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार के बयान पर मामला दर्ज कराया गया था।
आज शुक्रवार एडीजे वन की अदालत ने अपना फैसला सुनाया. अधिवक्ता दिलीप महतो के अनुसार दोनों मामले में 16-16 गवाहों का परीक्षण अदालत में हुआ था. सामी और कटकी अभी घाघीडीह जेल में बंद है।
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