जमशेदपुर : सुन्दरनगर थाना अंतर्गत जय माँ शक्ति कल्याण मण्डप प्रांगण में लगातार तीसरी बार माँ विंध्यावासिनी सेवा समिति सुन्दरनगर के द्वारा भव्य एवं धूमधाम से विसर्जन किया गया। शारदीय नवरात्र व विजयादशमी का पर्व समाप्त होने के बाद श्रद्धांलुओं नेगुरुवार को माँ दुर्गा की नम्न आँखो से भावभीनी विदाई दी। प्रतिमाओं के विसर्जन के पूर्व पंडाल में पुरोहितों के द्वारा वेद मन्त्रोंच्चारण के साथ माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद माँ विंध्यावासिनी सेवा समिति सुन्दरनगर के सदस्यों, मातृ शक्ति व युवाओं ने माँ दुर्गा की प्रतिमाओं को वाहनों पर रखकर भव्य विसर्जन जुलुस निकाली।


इस जुलुस में प्रजापिता ब्रम्हाकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों के द्वारा विशेष झांकी भी निकाली गयीं इस झांकी में माँ दुर्गा हम सभी के साथ रथ पर सवार होकर साथ साथ चली एवं माँ दुर्गा के जयकारे से पूरा इलाका गुंजायमान रहा।माँ विंध्यवासिनी सेवा समिति सुन्दरनगर के सदस्यो ने बताया कि महिलाओं के द्वारा सिंदूर खेला कर शंख गर्जना के साथ ढ़ोल नागाड़ो के बीच लोग नाचते झूमते माँ दुर्गा की विदाई किये।

मौके पर ब्रम्हाकुमारीज संस्था की बहने, कमिटी के संरक्षक संतन ओझा “बब्लु”, कन्हैया पाण्डेय, राजनारायण सिंह, दूधनाथ सिंह, मिथिलेश सिंह, रामानंद वर्मा, योगेश रामा, जयकृष्ण मिश्रा, चंद्रभूषण सिंह, कंचन ओझा, उमाकांत मिश्रा, अर्जुन रामा, धनश्याम सिंह, अध्यक्ष विकास सिंह, महासचिव पप्पु कुमार वर्मा “अनमोल”, कोषाध्यक्ष जयकांत सिंह, कमलेश सिंह, सैलेन्द्र सिंह, संजय कुमार, पप्पु शर्मा, मदन मिश्रा, राम विनय सिंह, उदय वर्मा, सुरेश भारती, राम शर्मा, तेज़ नारायण राय, पप्पु पोद्दार, ललित ओझा, अमित मोदी, मनीष मिश्रा, इंदरदेव रवानी, परमानन्द गुप्ता, उत्तम ओझा, पवन पाण्डेय, जीतेन्द्र ओझा, विपुल मिश्रा, अरविन्द मिश्रा, सचिन राज ओझा, युवराज ओझा, राहुल ओझा शैलेन्द्र कुमार, अरविन्द सरायवाला, रामाकृष्ण मिश्रा, मातृ शक्ति के रूप में, शोभावती देवी, भारती देवी, तारा सिंगारी, गीता सिंगारी, वीणा सिंगारी, उषा शर्मा, निशा देवी, नीला देवी, कविता ओझा, मालती गोप, करुणा ओझा, निर्जला कुमारी, अंजना रामा, कविता ओझा 2, खुश्बू कुमारी, दीपा ओझा, उन्नति ओझा, सुजाता ओझा, युवा साथी सोनू, ऋषव, गोलू, राजकुमार, राहुल, उज्जवल पाठक, कृष्णा कुमार, निशांत सिंह एवं अन्य महिलाएं व काफ़ी संख्या में युवा साथी गण उपस्थित रहे।


