सरायकेला/चांडिल : जिला सरायकेला-खरसावां अंतर्गत ईचागढ़ थाना क्षेत्र के गौरांगकोचा (ब्लॉक कॉलोनी) में डायन प्रथा के नाम पर एक वृद्ध महिला के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। घटना को लेकर ईचागढ़ थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने के बाद पीड़िता और सामाजिक संगठनों में न्याय की उम्मीद जगी है।


बताया जा रहा है कि 65 वर्षीय विधवा महिला बिजल कालिंदी के साथ उनके आवास पर कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया था। इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं झारखंड आंदोलनकारी अवधेश मुर्मू लगातार पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे।
FIR दर्ज होने पर जताया आभार……
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद समाजसेवी अवधेश मुर्मू ने ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग महतो का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी द्वारा मामले में तत्परता दिखाते हुए निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की जा रही है, जो सराहनीय है।
अवधेश मुर्मू ने कहा कि ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग महतो गरीब और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए साफ-सुथरी और निष्पक्ष कार्यशैली के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे दबे-कुचले वर्ग के लोगों को न्याय मिलने का भरोसा बना है. इसके साथ ही उन्होंने इस मामले को प्रमुखता से उठाने और संवेदनशीलता दिखाने के लिए मीडिया बंधुओं का भी धन्यवाद दिया।
पीड़िता को मिला भरोसा……
पीड़िता बिजल कालिंदी ने भी FIR दर्ज होने के बाद राहत महसूस की है और न्याय की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि अब उन्हें विश्वास है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और उन्हें कानून के अनुसार न्याय मिलेगा।
समाज के लिए संदेश……
यह मामला न केवल एक पीड़िता से जुड़ा है, बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का भी प्रतीक बन रहा है। प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून के दायरे में रहकर पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई विधिसम्मत तरीके से की जाएगी।
