जमशेदपुर/घाटशिला : कसिदा से हुल्लुंग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर मंगलवार को हुए हृदयविदारक सड़क हादसे में पांच वर्षीय मासूम आराध्य गोराई की मौत हो गई। तेज रफ्तार वाहन और सड़क सुरक्षा उपायों की कमी ने एक नन्हीं जिंदगी को लील लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश भी देखा जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर न तो स्पीड ब्रेकर हैं और न ही पर्याप्त चेतावनी संकेतक बोर्ड। इसी लापरवाही के बीच तेज गति से गुजर रहे वाहन ने बच्ची को अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर रूप से घायल आराध्य को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि वह पास के शिशु मंदिर में पढ़ती थी।
डॉ. सुनीता देबदूत सोरेन ने जताया शोक, प्रशासन से की ठोस कार्रवाई की मांग……
इस दुखद घटना पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं चिकित्सक डॉ. सुनीता देबदूत सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त किया। शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रशासन की असफलता है।
उन्होंने प्रशासन से कसिदा–हुल्लुंग सड़क पर तत्काल स्पीड ब्रेकर निर्माण, चेतावनी बोर्ड की स्थापना और नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही हादसे में शामिल दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर कड़ी सजा दिलाने की भी मांग उठाई, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके।
ग्रामीणों में आक्रोश, न्याय की गुहार……
स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अविलंब ठोस कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते, तो आज एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों को कठोर दंड देने की मांग की है।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, क्षेत्रवासियों का कहना है कि आश्वासन नहीं, अब ठोस कार्रवाई की जरूरत है—ताकि किसी और घर का चिराग यूं असमय न बुझे।
