लोकतंत्र सवेरा : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन (RJD, कांग्रेस और वामपंथी दल) की करारी हार के बाद, झारखंड में RJD और कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं और वहां भी राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना है।
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बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार….
- महागठबंधन को इस बार सिर्फ 35 सीटों पर ही जीत मिली, जो अपेक्षा से बहुत कम है।
- आरजेडी और कांग्रेस, दोनों के प्रदर्शन में भारी गिरावट रही, जबकि NDA ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
- आरजेडी के परंपरागत यादव-मुस्लिम वोट बैंक में भी बिखराव देखा गया, जिससे सीटों की संख्या कम हो गई।
झारखंड में बढ़ीं RJD और कांग्रेस की मुश्किलें…..
- बिहार की हार का असर झारखंड की राजनीति पर भी पड़ता दिख रहा है।
- झारखंड सरकार में शामिल JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) बिहार चुनाव में सीट न मिलने से नाराज है और गठबंधन पर पुनर्विचार के संकेत दे चुकी है।
- खबर है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने मंत्रिमंडल से आरजेडी मंत्री संजय कुमार यादव को बाहर कर सकते हैं, जिससे गठबंधन का समीकरण बिगड़ सकता है।
- JMM ने साफ तौर पर कहा कि झारखंड में कांग्रेस और RJD के साथ गठबंधन की समीक्षा की जाएगी, क्योंकि बिहार में उन पर सही ध्यान नहीं दिया गया।
संभावित राजनीतिक बदलाव….
- JMM द्वारा गठबंधन से बाहर होने या मंत्री को हटाने से झारखंड में मौजूदा सरकार की स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
- आरजेडी और कांग्रेस दोनों ही अगले चुनावों के लिए अपने संगठन और रणनीति में व्यापक बदलाव ला सकते हैं।
इन घटनाओं से साफ है कि बिहार में मिली निर्णायक हार के बाद महागठबंधन की सहयोगी पार्टियों की चुनौती झारखंड में भी बढ़ गई है और झारखंड की राजनीति में नया मोड़ आने की संभावना प्रबल हो गई है।
