धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड के नतनाग पंचायत अंतर्गत कदमबेड़ा स्थित गजानन फेरो प्राइवेट लिमिटेड के निर्माणाधीन पावर प्लांट में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। चिमनी निर्माण के दौरान ठेकेदार और प्रबंधन की घोर लापरवाही के चलते लिफ्ट टेढ़ी हो गई, जिससे लगभग 40 फीट की ऊँचाई से गिरकर दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट में करीब 85 मीटर ऊँची चिमनी के भीतर ईंट लगाने का कार्य चल रहा था। इस दौरान 5 से 6 मजदूर चिमनी के अंदर कार्यरत थे। ईंटों को ऊपर पहुंचाने के लिए लिफ्ट का उपयोग किया जा रहा था, तभी अचानक लिफ्ट असंतुलित होकर टेढ़ी हो गई। संतुलन बिगड़ते ही दो मजदूर नीचे गिर पड़े, जबकि एक अन्य मजदूर ने किसी तरह लिफ्ट पकड़कर अपनी जान बचा ली।
गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों को आनन-फानन में एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान……
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान सादिक (22 वर्ष), इश्तकार (25 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों मृतक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरदाही (बेहड़ी) घुमसुर गांव के निवासी थे और आपस में एक ही गांव के बताए जा रहे हैं। बताया गया कि दोनों मजदूरों को 30 दिसंबर को ही इस कार्य में लगाया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल……
40 फीट ऊँचाई पर बेहद जोखिम भरा काम कराया जा रहा था, लेकिन न सेफ्टी हेलमेट, न फुल बॉडी हार्नेस, न लाइफ लाइन, न ही किसी प्रकार की सुरक्षा ट्रेनिंग दी गई थी।
चिमनी पर गिरने से बचाव के लिए जरूरी एंकर प्वाइंट और वर्टिकल सेफ्टी लाइन तक मौजूद नहीं थी। हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार पर डालकर पल्ला झाड़ लिया।
इलाके में शोक और आक्रोश……
घटना के बाद पूरे पावर प्लांट परिसर में तनाव और शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
धालभूमगढ़ थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलने या जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
👉 यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है —
क्या मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं?
कब तक लापरवाही का खामियाजा गरीब मजदूर अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?
