खूंटी/चाईबासा | लोकतंत्र सवेरा डेस्क : झारखंड–ओडिशा सीमा से सटे बनीसागर जंगल में दंतेल हाथी का आतंक और भी भयावह होता जा रहा है। शुक्रवार को हाथी को देखने गए 11 वर्षीय बच्चे और जेसीबी चालक की दर्दनाक मौत के बाद अब हाथी भगाने पहुंची बंगाल टीम का एक सदस्य भी हाथी के हमले में मारा गया। इस घटना के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
10 घंटे तक शवों को जंगल में घसीटता रहा हाथी…..
शुक्रवार को बनीसागर जंगल में हाथी को देखने गए बोढ़रा गांव निवासी 11 वर्षीय बालक और जेसीबी चालक प्रकाश कुमार पान पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया।।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने दोनों को पटक-पटक कर मार डाला और इसके बाद करीब 10 घंटे तक दोनों शवों को जंगल में गोल-गोल घसीटता रहा। हाथी ने प्रकाश कुमार का सिर धड़ से अलग कर दिया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
हाथी भगाने पहुंची टीम पर भी हमला……
घटना के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से हाथी भगाने वाली टीम मौके पर पहुंची। ऑपरेशन के दौरान हाथी ने टीम के एक सदस्य
सुखराम बेसरा (57 वर्ष) पर हमला कर दिया और उन्हें उठाकर दूर फेंक दिया।
गंभीर रूप से घायल सुखराम बेसरा को तत्काल इलाज के लिए ओडिशा के करंजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बंगाल टीम ने खड़े किए हाथ, ऑपरेशन से इनकार…..
टीम सदस्य की मौत के बाद बंगाल से आई टीम ने हाथी भगाने के अभियान से साफ इनकार कर दिया। इससे वन विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
गांवों में डर, लोग घरों में कैद…..
लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय इस कदर है कि लोग जंगल जाना तो दूर, घर से निकलने से भी डर रहे हैं। प्रशासन ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
सवाल बरकरार…….
अब सबसे बड़ा सवाल यही है— आखिर कब रुकेगा इस दंतेल हाथी का खूनी तांडव ? वन विभाग के लिए यह स्थिति अब इंसानी जान और प्रशासनिक साख दोनों का बड़ा इम्तिहान बन चुकी है।
