धनबाद : झारखंड में गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) के तहत सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका मुख्य उद्देश्य सुदूर और दुर्गम इलाकों में सड़क मार्ग से समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने वाले गंभीर मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाना है।

इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के नगर विमानन प्रभाग की ओर से संकल्प जारी किया गया है। राज्य के सभी सिविल सर्जनों को इस सेवा के बेहतर इस्तेमाल के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में राज्य में एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन फिक्स्ड विंग विमान के लिए एयरपोर्ट की आवश्यकता होती है। ऐसे में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों से मरीजों को पहले सड़क मार्ग से एयरपोर्ट तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे गंभीर स्थिति में अतिरिक्त समय लग सकता है।
सीधे हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचेंगे गंभीर मरीज
HEMS के तहत गंभीर मरीजों को सीधे या नजदीकी उपयुक्त हेलीकॉप्टर लैंडिंग स्थल से एयरलिफ्ट कर रांची या जरूरत के अनुसार अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा। हेलीकॉप्टर में प्रशिक्षित मेडिकल कर्मियों के साथ स्ट्रेचर, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। आवश्यकता के अनुसार हेलीकॉप्टर की सीटिंग व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकेगा।
108 एंबुलेंस सेवा से जोड़ा जाएगा HEMS
हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा को राज्य की 108 एंबुलेंस सेवा से जोड़ा जाएगा। 108 पर आने वाली सूचना और GPS लोकेशन के आधार पर मरीज की स्थिति का आकलन किया जाएगा। पहले यह देखा जाएगा कि सामान्य एंबुलेंस सड़क मार्ग से मरीज तक पहुंच सकती है या नहीं। सड़क संपर्क संभव नहीं होने, गंभीर दुर्घटना या मरीज की अत्यंत नाजुक स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल होने पर HEMS का इस्तेमाल किया जाएगा।
पंचायत स्तर तक बनाए जाएंगे नोडल अधिकारी
सेवा के संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर नोडल पदाधिकारी बनाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर के नोडल अधिकारी मरीज के नजदीक संभावित हेलीकॉप्टर लैंडिंग स्थल की जानकारी प्रखंड स्तरीय नोडल अधिकारी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को देंगे। मरीज की चिकित्सकीय स्थिति का आकलन कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सिविल सर्जन को अनुशंसा भेजेंगे। इसके बाद सिविल सर्जन की अनुशंसा पर नगर विमानन प्रभाग से हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।
धनबाद में भी तैयारी शुरू
धनबाद में HEMS के क्रियान्वयन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर सेवा से संबंधित जानकारी आम लोगों और पंचायत स्तर तक पहुंचाने का निर्देश दिया है।
दुर्घटना के मरीजों को मिलेगी प्राथमिकता
शहरी क्षेत्रों में भी गंभीर मरीजों को एक जिले से दूसरे जिले अथवा राजधानी रांची के बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए HEMS का इस्तेमाल किया जा सकेगा। संबंधित सरकारी अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन मरीज की गंभीरता का आकलन कर सेवा की अनुशंसा करेंगे। दुर्घटना में घायल गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देने का प्रावधान रखा गया है।
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