रांची : निलंबित IAS छवि रंजन को दिवाली के पहले बड़ी राहत मिली है। उन्हे जमानत मिल गयी है। सेना भूमि घोटाला मामले में पूर्व उपायुक्त छवि रंजन को सुप्रीम कोर्ट से ये जमानत मिली है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश दिया। अब छवि रंजन लगभग 28 महीने बाद जेल से रिहा होंगे, संभावना है कि वे सोमवार तक जेल से बाहर आ जाएंगे।



कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि ट्रायल की गति धीमी है और अब गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। आपको बता दें कि रांची के चर्चित सेना भूमि घोटाला और चेशायर होम रोड जमीन घोटाला में ईडी ने पूर्व उपायुक्त छवि रंजन को आरोपित बनाया था। ईडी के अनुसार, छवि रंजन ने पद पर रहते हुए भूमि अभिलेखों में हेराफेरी और जालसाजी में सहायता की थी।
आरोप है कि सरकारी और सेना की जमीन को निजी लोगों के नाम पर स्थानांतरित करने की साजिश में उन्होंने सहयोग किया।ईडी ने 4 मई 2023 को छवि रंजन को गिरफ्तार किया था, तब से वे जेल में बंद थे। रांची हाईकोर्ट ने सेना भूमि घोटाले में उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ…..
सुनवाई के दौरान छवि रंजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा और अभिषेक चौधरी ने दलील दी कि
- छवि रंजन लगभग 28 महीने से जेल में हैं।
- इस अवधि में ट्रायल बहुत धीमी गति से चला है।
- अब तक 31 गवाहों में से केवल पांच की गवाही पूरी हो सकी है।
- मामले से जुड़े कई अन्य आरोपितों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
- छवि रंजन का गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्य नष्ट करने का कोई प्रयास नहीं रहा है।
ईडी की ओर से जमानत का विरोध किया गया, लेकिन अदालत ने माना कि ट्रायल में विलंब और गवाहों की सीमित गवाही को देखते हुए जमानत दी जानी उचित है।
कोर्ट की शर्तें…..
सुप्रीम कोर्ट ने छवि रंजन को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है…..
- वे बिना ट्रायल कोर्ट की अनुमति के झारखंड से बाहर नहीं जा सकेंगे।
- प्रत्येक सुनवाई की तारीख पर न्यायालय में उपस्थित रहना होगा।
- वे किसी गवाह को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने का प्रयास नहीं करेंगे।
पहले मामले में मिली थी राहत…..
उल्लेखनीय है कि चेशायर होम रोड जमीन घोटाला मामले में छवि रंजन को अगस्त 2024 में झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। लेकिन सेना भूमि घोटाले में हाई कोर्ट ने राहत नहीं दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिलने के बाद वे दोनों मामलों में रिहाई के पात्र बन गए हैं।
