रांची : झारखंड के डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) आईपीएस अनुराग गुप्ता ने मंगलवार देर शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपना त्यागपत्र सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपा। उनके इस्तीफे के साथ ही राज्य की पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
कौन हैं अनुराग गुप्ता…..?
अनुराग गुप्ता 1990 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और झारखंड कैडर से आते हैं। अपने तीन दशक लंबे करियर में उन्होंने राज्य पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं —
झारखंड पुलिस की CID में विशेष डीजी,
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के प्रमुख,
और कई जिलों में एसएसपी और डीआईजी के तौर पर बेहतरीन कार्य किया।
वे अपने सख्त प्रशासनिक रुख और अनुशासनप्रिय छवि के लिए जाने जाते हैं।
कब बने थे DGP…..
अनुराग गुप्ता को जुलाई 2024 में राज्य का कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था। इसके बाद फरवरी 2025 में उन्हें नियमित तौर पर डीजीपी के रूप में नियुक्त किया गया।
इस्तीफे की वजह…..
सूत्रों के मुताबिक, अनुराग गुप्ता के इस्तीफे के पीछे केंद्र और राज्य सरकार के बीच चल रहा विवाद मुख्य कारण है। दरअसल, उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि 30 अप्रैल 2025 थी, लेकिन झारखंड सरकार ने उन्हें दो साल का विस्तार देते हुए पद पर बनाए रखने का फैसला किया था।
केंद्र सरकार ने इस विस्तार पर आपत्ति जताई थी और इसे सर्विस रूल्स का उल्लंघन बताया था। इसी विवाद को खत्म करने के लिए अनुराग गुप्ता ने स्वयं इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
आधिकारिक बयान……
हालांकि झारखंड सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों का कहना है कि अनुराग गुप्ता ने “विवाद से पुलिस विभाग की छवि को बचाने” और “संवैधानिक मर्यादा बनाए रखने” के लिए इस्तीफा दिया है।
आगे कौन बनेगा DGP ?…..
अब नए डीजीपी को लेकर अटकलें तेज हैं।
संभावित नामों में प्रशांत सिंह (ADG ऑपरेशन) और एम.एस. भाटिया (ADG CID) का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।
राज्य सरकार जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान कर सकती है।
जनता और पुलिस महकमे की प्रतिक्रिया……
अनुराग गुप्ता के इस्तीफे की खबर सामने आते ही पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि “गुप्ता एक निष्ठावान और प्रोफेशनल अधिकारी थे, जिनका योगदान झारखंड पुलिस के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।”
