रांची : झारखंड शराब घोटाले में आरोपी उत्पाद विभाग के तत्कालीन संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह और एसीबी के गवाह आइएएस अमित कुमार की गवाही के बाद मंगलवार को जमशेदपुर के डीसी कर्ण सत्यार्थी का बयान दर्ज किया गया है. उत्पाद विभाग के तत्कालीन आयुक्त कर्ण सत्यार्थी का बयान ACB कोर्ट की अनुमति के बाद दर्ज हुआ. कोर्ट ने उनका बयान दर्ज करवाने के लिए मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की और मजिस्ट्रेट के समक्ष अमित कुमार का 164 का बयान दर्ज किया गया. कर्ण सत्यार्थी का बयान दर्ज होने के बाद उसे सीलबंद कर दिया गया है. कर्ण सत्यार्थी ने अपने बयान में शराब घोटाला से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. कर्ण सत्यार्थी अपने बयान में आइएएस अधिकारी और तत्कालीन उत्पाद विभाग के सचिव विनय चौबे की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जांच के क्रम में सोमवार को एसीबी ने तत्कालीन उत्पाद आयुक्त अमीत कुमार का बयान भी मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया था, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे. बयान में कर्ण सत्यार्थी ने बताया कि शराब की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को होलसेल नीति में लाभ पहुंचाने का काम किया गया था. जब उत्पाद आयुक्त के पद पर रहते हुए यह मामला उनके संज्ञान में आया, तब उन्होंने केस दर्ज करने का निर्देश दिया था. लेकिन इसका तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे ने विरोध किया. बयान में शराब घोटाले को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गयी हैं. एसीबी आगे केस के अनुसंधान में इस बयान का उपयोग साक्ष्य के रूप में कर सकती है. उल्लेखनीय है कि कर्ण सत्यार्थी पूर्व में उत्पाद आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे।
