मुरी : सरकार से वार्ता के बाद विधानसभा के समक्ष दो दिन से चली आ रही झारखंड आन्दोलनकारियों का धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया।आन्दोलन के संस्थापक पुष्कर महतो,जिला अध्यक्ष सुबोध लकड़ा, रतन महतो, रोजलिन तिरक्री, लक्षमी महतो के नेतृत्व में झारखंड के आए आन्दोलनकारियों ने विधान सभा के समक्ष धरना प्रदर्शन रखा गया। जिसमें सभी आन्दोलनकारियों ने परम्परागत हथियारों एवं झंडे बैनर तले मुख्य मांग आन्दोलनकारियों का पेशन लागू करो, नौकरियों में उनके आश्रितों का आरक्षण सुनिश्चित करो का नारा लगाया। लड़ कर लिए है झारखंड, लड़ कर लेगे पेंशन, जय जय झारखंड के जोरदार नारे गूंजते रहे।
धरना प्रदर्शन में झारखंड के विभिन्न जिलों के आदिवासी एवं मुलवसी भाई बहन अपनी मांगों को लेकर रात भर सडकों पडे़ रहे। ढोल नगाड़े एवं परम्परिक नाच गान से सरकार एवं अपने भाई बहनों को सामुहिक गीत ‘जागा रे जागा भाई बहन मन, के माध्यम से गाकर जगाने का काम किया। जिसमें काफी संख्या में आदिवासी मुलवसी भाई बहन एकता में बद्ध कर डटे रहे। सिल्ली मुरी से दिनेश चौधरी, रामा कान्त विश्वकर्मा, सनातन महतो, बेडो से धनेश्वर धान समेत काफी संख्या में आन्दोलनकारियों ने बैनर लेकर, नारा लगाते हुए विधानसभा के समक्ष पहुंचे। रतन महतो ने आन्दोलनकारियों के मांगो को लेकर सरकार के समक्ष डु एंड डाई का अहवाण तक कर दिया। कई वक्ताओं ने कहा कि आन्दोलनकारियों का आन्दोलन बेकार नहीं जाएगा। जब झारखंड लड़ कर ले सकते हैं तो अपनी मांग भी लड़ कर लेगे।
सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर आन्दोलनकारियों का मान सम्मान नही रखेगे, तो जिस तरह हमने गददी पर बैठाया है उसी तरह उतारने का काम कर सकते है। 26 साल बीत गया, अपने लिए करोड़ों का घर बनाया और जिसनें झारखंड निर्माण के लिए लडा़ और कई लोग शहीद भी हुए, अब तो कई लोग इस दुनिया में नहीं है। उनके लिए कुछ भी नहीं। आन्दोलनकारियों के जबरदस्त धरना प्रदर्शन को देखकर सरकार के मंत्री राधा किशोर एवं दो और मंत्री के साथ आन्दोलनकारियों के मुख्य नेता पुष्कर महतो, रतन महतो, रोजलिन तिरक्री के साथ वार्ता किया जिसमें 100 करोड़ पैकेज का प्रावधान है, क्षैतिज 5 प्रतिशत आरक्षण अब 10 प्रतिशत होगा।
रिपोर्ट: रिंकी कुमारी
