रांची : झामुमो के 54वें स्थापना दिवस पर धनबाद में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र में काम कर रही आउटसोर्सिंग कंपनियों को 75 प्रतिशत नौकरी स्थानीय युवाओं को देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धनबाद कोयला क्षेत्र होने के बावजूद यहां के युवाओं को काम नहीं मिल रहा है। खनन का काम आउटसोर्सिंग कंपनियों को दे दिया गया है और ये कंपनियां बाहर के राज्यों से मजदूर बुला रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा और उन्हें पलायन करना पड़ रहा है।
हेमंत सोरेन ने साफ कहा कि अगर कंपनियां स्थानीय युवाओं को नौकरी नहीं देंगी तो सरकार सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो स्थानीय लोग खुद अपने हक के लिए खड़े होंगे। सरकार इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और जनता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने पेसा कानून का जिक्र करते हुए कहा कि यह कानून लागू हो चुका है और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी आदिवासी या स्थानीय व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक केंद्र में भाजपा की सरकार रहेगी तब तक महंगाई कम नहीं होगी। महंगाई के कारण गरीब परिवार अपने बच्चों को ठीक से पढ़ा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से झारखंड सरकार महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सहायता राशि दे रही है ताकि परिवार की आर्थिक मदद हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार रांची में गरीब बच्चों के लिए मुफ्त इंजीनियरिंग और मेडिकल कोचिंग चला रही है। जल्द ही इसे जिला स्तर तक शुरू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाएं। गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेकर उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और पत्रकार बनाएं ताकि परिवार और समाज दोनों आगे बढ़ सकें।