रांची : झारखंड में आदिवासियों के धर्मांतरण और डीलिस्टिंग को लेकर केंद्रीय सरना समिति ने रांची स्थित लोकभवन के निकट धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सरना समिति के कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना स्थल पर केंद्रीय सरना समिति की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष निशा भगत ने अपने विरोध स्वरूप मुंडन कराया और पारंपरिक पगड़ी बांधी। मीडिया से बातचीत में निशा भगत ने कहा कि झारखंड में भोले-भाले आदिवासियों को फुसलाकर धर्मांतरण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मिशनरी संस्थाएं धर्मांतरण के साथ-साथ अंधविश्वास को भी बढ़ावा दे रही हैं।

निशा भगत ने कहा कि झारखंड की सत्ता में शामिल कुछ आदिवासी विधायक भी धर्मांतरण में सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि डीलिस्टिंग पूरी की जाए और धर्मांतरित आदिवासियों को मिलने वाले सरकारी लाभ से वंचित किया जाए।सरना समिति ने इस संबंध में मांग पत्र राज्यपाल को सौंपा। निशा भगत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले में कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
