रांची : बरियातू थाना में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाते हुए मुन्ना यादव ने केस किया है। मुन्ना यादव ने पुलिस को बताया कि वह बरियातू हाउसिंग मार्ग में रहता है। वह ड्राइवर है। मुन्ना के दोनों बेटो कैब चलाते हैं। मुन्ना का कहना है कि बेटा संदीप कुमार की जान पहचान उषा बाखला से हुई थी। उषा बाखला कैब बुक करती थी, तभी उसकी पहचान संदीप से हुई थी। उषा खुद को रिम्स की डॉक्टर बताई थी। बातचीत के क्रम में उषा ने संदीप से कहा कि दोनों भाई की नौकरी वह लगा देगी।



चालक के पद पर हो जाएगी बहाली
उषा ने संदीप के पिता से बातचीत कर कहा कि रिम्स में चालक के पद पर दोनों बेटे की बहाली हो जाएगी। इसके बदले तीस लाख रुपये लगेगा। इतनी बड़ी रकम देने के लिए संदीप के पिता ने उषा से समय मांगा। मुन्ना ने जमीन बेचकर उषा को छह लाख रुपये दिया। इसके बाद मुन्ना के बड़े बेटे प्रदीप कुमार के एसबीआई खाता से दो लाख रुपये दिया गया। उषा ने कहा कि अब वह नकद में पैसा लेगी। खाता में लेने से वह टैक्स के चक्कर में फंस जाएगी।
इसके बाद उषा को 12 लाख रुपये दिया गया। पैसा देने के बाद उषा से नौकरी के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि सरकारी काम में समय लगता है। नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। आगे का पैसा तैयार रखने के लिए कहा।
उषा नाम की कोई डॉक्टर नहीं
कुछ दिनों के बाद उषा के द्वारा गाड़ी बुक कराना बंद हो गया। मुन्ना ने रिम्स में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि उषा नाम से रिम्स में कोई डॉक्टर नहीं है। मुन्ना को पता चला कि उषा धुर्वा इलाके में रहती है। मुन्ना उषा के पास गया तो उषा ने कहा कि नौकरी लग जाएगी। इसके बदले उषा ने तीन चेक दिए।
कुछ दिनों के बाद उषा धुर्वा से भी भाग गई। धुर्वा में पूछताछ करने पर मुन्ना को पता चला कि वह खूंटी की रहने वाली है। मुन्ना खूंटी पहुंचा तो उषा के भाई ने धमकी देते हुए भगा दिया। पुलिस का कहना है कि केस कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
