रांची : अनगड़ा थाना क्षेत्र के एनएच-33 पर स्थित हेसल टोल प्लाजा पर महिला चिकित्सक के पति और टोल कर्मियों के बीच मारपीट हुई। यह घटना सोमवार देर रात 12.37 मिनट बजे के करीब हुई। इस मौके पर फायरिंग भी हुई।
आरोप है कि फायरिंग में निशाना चूकने पर टोलकर्मी विकास की जान बच गई। मौके पर से पुलिस ने एक खोखा भी बरामद किया है। हालांकि पिस्टल नहीं मिली है। इस मामले में दोनों पक्षों ने अनगड़ा थाना में अलग-अलग प्राथमिकी मंगलवार को दर्ज करायी। एक पक्ष से टोल प्लाजा के मैनेजर संतोष पाठक और दूसरे पक्ष से इटकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित डॉ रूपम कुमारी के पति गौतम तिवारी ने अनगड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है।
टोल मैनेजर ने लगाया आरोपः
टोल मैनेजर ने दर्ज करायी प्राथमिकी में बताया कि सफेद रंग की एसयूवी कार 700 जेएच-01 एफजी- 1025 रामपुर से विकास की ओर जा रही थी। कार सवार लोग खुद को कांके होचर का निवासी बता रहे थे। उनकी जिद थी कि उन्हें टोल प्लाजा से निःशुल्क गुजरने दिया जाये, सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, कार सवार महिला कह रही थी कि हम लोग स्थानीय हैं और जाते समय भी हमने टोल नहीं दिया था, तो अब क्यों दें। इसी दौरान टोल कर्मी ने कार में लगे फास्टैग से 70 रुपये काट लिये। इस पर कार सवार दोनों महिला-पुरूष ने टोल के बूथ नंबर 13 पर ड्यूटी कर रहे कर्मी विशाल उपाध्याय को केबिन से बाहर बुलाया, फिर कर्मी विशाल की कनपटी और सीने में पिस्टल सटाकर मोबाइल और 13 हजार रुपये लूट लिये। इसके बाद कर्मी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपी ने कर्मी विशाल पर फायरिंग भी की लेकिन निशाना चूक जाने से उसकी जान बच गयी।
रूपम कुमारी के पति गौतम त्रिपाठी पेशे से व्यवसायी हैं। उन्होंने भी अनगड़ा थाना में दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि वह पत्नी और अपने साले ज्ञानदीप के साथ पुरी से रांची के कांके अंतर्गत होचर स्थित आवास सोमवार की रात लौट रहे थे। हेसल टोल प्लाजा पर उन लोगों ने बताया कि हम लोग लोकल है, लेकिन उसके बाद भी कर्मी ने टोल काटा और अपशब्द कहे। इसके बाद कर्मी ने पिस्टल निकाल ली। तब उन्होंने हिम्मत कर पिस्टल छीन ली। जिसके बाद कार में बैठने के लिए जा रहे थे कि तभी टोलकर्मियों ने उनको पटक कर मारा और हाथ से पिस्टल छीन ली। इस दौरान उनका साला ज्ञानदीप उन्हें बचाने के लिए कार से निकला। किसी तरह वह वहां से जान बचाकर भागे।