कासगंज में दिल्ली के बुराड़ी जैसा कांड: बच्चों को जहर दिया, पत्नी का गला काटा, फंदे से झूल रहा था पति; बंद मकान में 5 शव मिलने से सनसनी
उत्तर प्रदेश : कासगंज जिले के अमांपुर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां तीन दिनों से बंद पड़े एक मकान से एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो घर के भीतर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। मृतकों की पहचान श्यामवीर सिंह (50), उनकी पत्नी राम श्री (48), बेटी आकांक्षा (10), प्राची (12) और बेटे ग्रीस (8) के रूप में हुई है। श्यामवीर पेशे से वेल्डिंग का काम करते थे और गुप्ता एजेंसी पेट्रोल पंप के पीछे स्थित मकान में परिवार के साथ रहते थे।
3 दिन से बंद था मकान घटना का पता उसे वक्त चला जब शनिवार शाम एक युवक शादी का कार्ड देने घर गया उसने दरवाजा खटखटाया और नाम लेकर काफी देर तक बुलाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला इसके बाद उसने आसपास के लोगों से पूछा तब पता चला कि घर में पिछले तीन दिनों से कोई हलचल नहीं है थी शक के आधार पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो घर के अलग-अलग कमरों में पोंचो के सब मिले पति फांसी के फंदे पर झूलता मिला पत्नी की हत्या धारदार हथियार से गला काटकर की गई थी और तीन बच्चों को जहर देकर हत्या की बात सामने आ रही है घटनास्थल का दृश्य बेहद भयानक था प्रारंभिक जांच में पुलिस आत्म हत्या आशंका जाता रही है घर के मुखिया ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की हत्या करने के बाद खुद फांसी लगाकर आता आत्महत्या कर ली हालांकि पुलिस ने अभी इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है पुलिस ने भी सभी सबों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है मुकेश से कुछ संगीत सामग्री भी बरामद की गई है जिसे जांच के लिए भेजा गया है फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सैंपल इकट्ठा किए हैं पुलिस अधिकारियों का कहना है की वारदात के पीछे मुख्य रूप से आर्थिक तंगी का कारण नजर आ रहा है हालांकि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है पड़ोसियों के मुताबिक परिवार सामान्य था किसी तरह के बड़े विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी
