गिरिडीह (ब्यूरो रिपोर्ट) : झारखंड के गिरिडीह जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल परिसर से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार को अस्पताल परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अस्पताल के शौचालय (बाथरूम) के अंदर एक बच्चे को जन्म दे दिया। घटना की भनक लगते ही अस्पताल प्रबंधन से लेकर स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में टीम एक्शन में आई।



टॉयलेट के होल में फंसा था नवजात, रोने की आवाज से खुला राज
मिली जानकारी के अनुसार, उक्त नाबालिग लड़की सामान्य रूप से अस्पताल के शौचालय में गई थी, जहां उसने गुप्त रूप से बच्चे को जन्म दिया। घटना का खुलासा तब हुआ जब शौचालय के अंदर से अचानक किसी नवजात शिशु के बिलख-बिलख कर रोने की आवाज आने लगी। आवाज सुनकर वहां मौजूद अस्पताल कर्मी और सुरक्षा गार्ड तुरंत मौके पर पहुंचे। जब अंदर जाकर जांच की गई, तो वहां का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। नवजात शिशु शौचालय के पैन के होल में बुरी तरह फंसा हुआ था और तड़प रहा था।
डॉक्टरों और पुलिस का ‘मिशन रेस्क्यू’, सुरक्षित बाहर निकला बच्चा
मामले की गंभीरता और मासूम की जान पर बन आई देख अस्पताल के डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और मौके पर तैनात पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला। बेहद संवेदनशीलता और सूझबूझ के साथ, काफी मशक्कत के बाद नवजात शिशु को बिना कोई नुकसान पहुंचाए शौचालय के पैन से सुरक्षित बाहर निकाला गया। डॉक्टरों की मुस्तैदी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
मां और बच्चे दोनों की हालत स्थिर, पुलिस जांच तेज
अस्पताल प्रशासन से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, नवजात शिशु और उसकी नाबालिग मां दोनों को तुरंत स्पेशल वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी देखरेख कर रही है। फिलहाल दोनों की स्थिति खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।
इधर, घटना की आधिकारिक सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। चूंकि मामला 14 वर्षीय नाबालिग लड़की से जुड़ा है, इसलिए पुलिस इसे बेहद संवेदनशील मानकर पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य कानूनी बिंदुओं के तहत जांच कर रही है। पुलिस ने नाबालिग के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है कि आखिर इस पूरे मामले के पीछे की हकीकत क्या है और इसे अब तक छुपा कर क्यों रखा गया था। प्रशासन पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है।



