नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर इन दिनों गूगल जेमिनी नैनो की मदद से बनाए जा रहे AI साड़ी पोर्ट्रेट्स का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर्स अपनी सामान्य तस्वीरों को AI टूल्स का उपयोग करके बेहद आकर्षक, हाइपर-रियलिस्टिक और अक्सर नॉस्टैल्जिया से भरी साड़ी पहनी हुई तस्वीरों में बदल रहे हैं। यह नया डिजिटल फैशन क्रिएशन टूल यूजर्स के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर रहा है।

AI से बनी साड़ी वाली तस्वीरें वायरल
गूगल के इमेज एडिटिंग टूल नैनो बनाना द्वारा संचालित यह AI ट्रेंड लोगों को अपनी तस्वीरों को एक क्लिक में कलात्मक और विंटेज लुक देने की सहूलियत दे रहा है। खास तौर पर महिलाओं के बीच अपनी तस्वीरों को 90 के दशक की बॉलीवुड शैली के साड़ी लुक में बदलने का जुनून देखने को मिल रहा है, यह AI टूल न केवल कपड़ों को बदल रहा है, बल्कि चेहरे की विशेषताओं को बनाए रखते हुए एक नया, नाटकीय प्रभाव जोड़ रहा है।
IPS अधिकारी ने किया सतर्क
डेटा चोरी का खतरा हालांकि, इस वायरल ट्रेंड ने साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं भी पैदा कर दी हैं। एक वरिष्ठ IPS अधिकारी ने लोगों को इस ट्रेंड को अपनाने से पहले सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसे AI ऐप्स या टूल्स का उपयोग करते समय व्यक्तिगत डेटा चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी का जोखिम बढ़ सकता है।
चेतावनी अनधिकृत ऐप्स से बचें
IPS अधिकारी ने अपने सार्वजनिक बयान में कहा है कि ट्रेंड्स आते-जाते रहते हैं, लेकिन अगर आपका निजी डेटा एक बार गलत हाथों में चला गया, तो उसे वापस पाना मुश्किल है। उन्होंने लोगों को विशेष रूप से नकली वेबसाइटों या अनधिकृत ऐप्स पर अपनी तस्वीरें या व्यक्तिगत जानकारी अपलोड करने से बचने की सलाह दी है।
अधिकारी के अनुसार, इस तरह के प्लेटफॉर्म पर अपनी तस्वीर साझा करना न केवल आपकी प्राइवेसी को खतरे में डाल सकता है, बल्कि इससे आपके बैंक खाते तक पहुंचने की कोशिश भी की जा सकती है। उन्होंने डीपफेक जैसी टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग के प्रति भी आगाह किया, जिसमें आपकी तस्वीरों का इस्तेमाल आपत्तिजनक कंटेंट बनाने के लिए किया जा सकता है।
डेटा सुरक्षा, आपकी जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का भी मानना है कि जब आप किसी थर्ड-पार्टी या अनऑफिशियल AI टूल पर अपनी फोटो अपलोड करते हैं, तो उस टूल को आपके चेहरे और निजी जानकारियों तक पहुंच मिल जाती है। इससे वह डेटा सर्वर पर स्टोर हो जाता है, जिसका इस्तेमाल भविष्य में AI मॉडल को प्रशिक्षित करने या अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
IPS अधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा है, “आपका डेटा, आपका पैसा—आपकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने जोर दिया कि किसी भी वायरल ट्रेंड में भाग लेने से पहले उसकी सुरक्षा और प्राइवेसी पॉलिसी को ध्यान से समझना अत्यंत आवश्यक है।
सवाल बरकरार,फैशन है या खतरा
AI साड़ी ट्रेंड ने एक दिलचस्प बहस छेड़ दी है, क्या डिजिटल फैशन के इस रोमांच को डेटा सुरक्षा को ताक पर रखकर अपनाना चाहिए यूजर्स के लिए यह फैसला लेना महत्वपूर्ण हो गया है कि वे इस आकर्षक AI ट्रेंड का हिस्सा बनेंगे या साइबर खतरों से दूरी बनाए रखेंगे।
लोगों से एक अपील
आपकी सुरक्षा के लिए यह सलाह दी जाती है कि यदि आप ऐसे ट्रेंड को आज़माना चाहते हैं, तो केवल आधिकारिक और सत्यापित प्लेटफॉर्म्स का ही इस्तेमाल करें और संवेदनशील जानकारी वाली तस्वीरें साझा करने से बचें।
