मुख्य आकर्षण (Highlights):
- दूरी और समय: जमशेदपुर से महज 55 किलोमीटर दूर बनेगा एयरपोर्ट, डेढ़ घंटे में तय होगा सफर।
- पहला चरण: पहले फेज में 100 हेक्टेयर जमीन पर तैयारी शुरू, छोटे विमानों से होगी शुरुआत।
- बड़ा बदलाव: धालभूमगढ़ एयरपोर्ट से पूर्वी सिंहभूम की बदलेगी सूरत, 75,000 लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार।
धालभूमगढ़ : जमशेदपुर और पूरे पूर्वी सिंहभूम के निवासियों के लिए हवाई सफर का सपना अब सच होने जा रहा है। धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को लेकर अब तक की सबसे बड़ी और सकारात्मक अपडेट सामने आई है। जमशेदपुर से महज 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित धालभूमगढ़ में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे अब यात्री मात्र डेढ़ घंटे में एयरपोर्ट तक का सफर तय कर सकेंगे।



पहले फेज में 100 हेक्टेयर पर काम शुरू, उड़ेंगे छोटे विमान
प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पहले फेज के लिए 100 हेक्टेयर जमीन पर तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं। शुरुआती चरण में यहाँ से छोटे विमानों (जैसे- ATR एयरक्राफ्ट) के उड़ान की तैयारी है। रनवे और बुनियादी ढांचे को इस तरह विकसित किया जा रहा है ताकि क्षेत्रीय हवाई संपर्क (Regional Connectivity) को तुरंत मजबूत किया जा सके।
रोजगार का महा-भंडार : 75 हजार लोगों को मिलेगा काम
यह प्रोजेक्ट सिर्फ कनेक्टिविटी ही नहीं, बल्कि कोल्हान क्षेत्र की आर्थिकी के लिए भी एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इस एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 75,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापार, होटल इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को इससे एक नई संजीवनी मिलेगी।
जमशेदपुर और घाटशिला बेल्ट को सीधा फायदा
जमशेदपुर के करीब एक सर्वसुविधायुक्त एयरपोर्ट न होने का मलाल अब दूर होने वाला है। धालभूमगढ़ में एयरपोर्ट बनने से न सिर्फ जमशेदपुर के उद्योगपतियों और आम यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि घाटशिला, बहरागोड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का भी तेजी से औद्योगिक विकास होगा।



