कोरबा: मुख्यमंत्री सुरक्षा में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात सीएएफ का जवान ड्यूटी छोड़कर राइफल के साथ ससुराल पहुंच गया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। घटना में ससुर और साली की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है।

ये घटना छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की है। जहां आज मुख्यमंत्री बड़ी बैठक लेने वाले थे, जिसमें प्रदेश के कई मंत्री और अधिकारी भी शामिल थे। इस घटना ने पूरे सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) का एक जवान का ड्यूटी छोड़कर सीधे अपने ससुराल पहुंचना कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है। कुछ लोग उस संभावित खतरों से भी सहमे हुए हैं कि अगर जवान ने कार्यक्रम के दौरान ही कुछ कांड कर दिया होता, तो क्या होता ?
आरोपी जवान मुख्यमंत्री के कोरबा दौरे के दौरान बटालियन के साथ सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था। लेकिन उसने अपनी जिम्मेदारी को दरकिनार कर ड्यूटी से गैरहाजिर होकर राइफल उठाई और सीधे अपने ससुराल पहुंच गया। वहां उसने बिना किसी चेतावनी के ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।फायरिंग इतनी अचानक हुई कि परिवारजन संभल ही नहीं पाए। अफरा-तफरी में चीख-पुकार मच गई और पूरा इलाका दहशत में आ गया।
पारिवारिक विवाद बना वजह
पुलिस के अनुसार, आरोपी जवान का कई साल पहले पत्नी से तलाक हो चुका था। इसके बाद से ही दोनों परिवारों के बीच विवाद और तनाव का माहौल बना हुआ था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते जवान ने यह कदम उठाया। बदले की भावना में उसने अपनी सर्विस राइफल का दुरुपयोग कर परिवार पर हमला कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वारदात की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी जवान फिलहाल कोरबा जिले के बांगो बांध की सुरक्षा में पदस्थ था। गोलीबारी के बाद वह राइफल लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे चारों ओर से घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
सुरक्षा तंत्र पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश के सुरक्षा तंत्र की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा जैसी जिम्मेदारी निभा रहे जवान का ड्यूटी छोड़कर निजी विवाद में शामिल होना बेहद गंभीर मामला है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों से न केवल मुख्यमंत्री की सुरक्षा प्रभावित होती है बल्कि सुरक्षा बलों की छवि पर भी धब्बा लगता है।
जांच में जुटा प्रशासन
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी जवान से पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी जवान पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह घटना इस बात की चेतावनी भी है कि सुरक्षा बलों के जवानों की मनोवैज्ञानिक स्थिति और निजी तनावों पर भी समय-समय पर निगरानी जरूरी है।

