पीड़िता ने अदालत में बताया- आरोपित और उसकी बहन तस्वीरें दिखाकर नाम याद करवाते थे, भूलने पर करते थे मारपीट, मां ने भी लगाए गंभीर आरोप
जमशेदपुर : मानगो सहारा सिटी सामूहिक दुष्कर्म एवं पॉक्सो मामले की सुनवाई के दौरान मंगलवार को जमशेदपुर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमलेश कुमार सहाय की अदालत में अहम घटनाक्रम सामने आया। अदालत में नाबालिग पीड़िता का बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने कई गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए। पीड़िता की गवाही के दौरान कोर्ट रूम में मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए।

अपने बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि सहारा सिटी निवासी नानक चंद्र सेठ भी उसके साथ दुष्कर्म करता था। उसने बताया कि वह नानक चंद्र सेठ के घर में रहती थी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि नानक चंद्र सेठ और उसकी बहन अनिता गणोत्रा उसे व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से अलग-अलग लोगों की तस्वीरें दिखाकर उनके नाम जबरन याद करवाते थे। यदि वह नाम याद नहीं रख पाती थी, तो दोनों उसके साथ बेरहमी से मारपीट करते थे।
हालांकि, पीड़िता ने अदालत में यह भी स्पष्ट किया कि प्राथमिकी में नामजद आरोपितों के अलावा वह किसी अन्य व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं पहचानती. सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां ने भी अदालत में गवाही दी। उन्होंने आरोप लगाया कि नानक चंद्र सेठ उन्हें डरा-धमकाकर जबरन खाली कागजों पर अंगूठा लगवा लेता था।
गौरतलब है कि यह मामला 18 जनवरी 2019 का है। पीड़िता की मां ने मानगो थाना में इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो, श्रीकांत महतो समेत अन्य के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, नाबालिग को देह व्यापार में धकेलने, अश्लील वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने तथा पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई वर्तमान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमलेश कुमार सहाय की अदालत में जारी है।

