चंदौली : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में प्रेम विवाह को लेकर एक परिवार में विवाद का मामला सामने आया है। अपनी पसंद से दूसरी जाति के युवक से शादी करने वाली 20 वर्षीय बेटी से नाराज पिता ने उसके नाम पर पिंडदान कर दिया। पिता का कहना है कि बेटी ने परिवार की इच्छा के खिलाफ शादी की है, इसलिए अब उनका उससे कोई रिश्ता नहीं है। दूसरी ओर, युवती अपने पति के साथ रहने के फैसले पर कायम है। घटना के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

दो महीने पहले प्रेमी से की थी कोर्ट मैरिज
यह मामला चंदौली जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित जगदीशराय गांव का है। जानकारी के मुताबिक, गांव के निवासी किसान प्रकाश सिंह की सबसे बड़ी बेटी नेहा सिंह की उम्र 20 वर्ष है। नेहा का गांव के ही 24 वर्षीय सावन से प्रेम संबंध था। सावन के पिता किशोरी पासवान पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताए जा रहे हैं। दोनों की जातियां अलग होने के कारण नेहा का परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं था। इसके बावजूद नेहा और सावन ने साथ रहने का फैसला किया। करीब दो महीने पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली और इसके बाद सोनभद्र में रहने लगे।
बेटी के नाम पर किया पिंडदान
बताया जाता है कि शनिवार शाम करीब पांच बजे प्रकाश सिंह अपने घर से लगभग 200 मीटर दूर स्थित एक पीपल के पेड़ के पास पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी जीवित बेटी नेहा के नाम पर पिंडदान किया। आमतौर पर पिंडदान दिवंगत लोगों के लिए किया जाता है, लेकिन प्रकाश सिंह ने यह धार्मिक रस्म अपनी बेटी के लिए निभाई। बताया जा रहा है कि बेटी के अपनी पसंद से शादी करने और परिवार के पास लौटने से इनकार करने के कारण वह नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने बेटी से संबंध खत्म करने की घोषणा की।
पति को छोड़ने के लिए तैयार नहीं नेहा
जानकारी के अनुसार, शादी के बाद परिवार ने नेहा को वापस घर बुलाने की कई बार कोशिश की। परिजनों ने उसे समझाने और अपना फैसला बदलने के लिए कहा, लेकिन नेहा अपने पति का साथ छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुई। नेहा का कहना है कि वह सावन से प्यार करती है और उसके साथ ही अपना वैवाहिक जीवन बिताना चाहती है। परिवार की ओर से किए गए प्रयासों के बावजूद उसने अपने फैसले को नहीं बदला। इसके बाद पिता ने उससे नाता तोड़ने का निर्णय लिया।
पिता और चाचा ने जताई नाराजगी
प्रकाश सिंह ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि माता-पिता बच्चों की परवरिश और उनके बेहतर भविष्य के लिए काफी मेहनत करते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि बच्चे परिवार की भावनाओं और इच्छाओं को समझेंगे। वहीं, नेहा के चाचा पप्पू सिंह के मुताबिक, नेहा ग्रेजुएशन कर चुकी है और परिवार में उसकी परवरिश के दौरान किसी तरह का भेदभाव नहीं किया गया। परिवार चाहता था कि उसकी शादी अपनी जाति में हो, लेकिन नेहा ने दूसरी जाति के युवक को अपना जीवनसाथी चुना। चाचा के अनुसार, परिवार के अन्य सदस्य भी प्रकाश सिंह के फैसले का समर्थन कर रहे हैं।
बालिग युवती को अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार
इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कानून के तहत बालिग महिला को अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का अधिकार है। केवल जाति या परिवार की असहमति के आधार पर किसी बालिग व्यक्ति के वैध विवाह को गलत नहीं ठहराया जा सकता। फिलहाल नेहा अपने पति सावन के साथ सोनभद्र में रह रही है। वहीं, पिता ने बेटी के नाम पर पिंडदान कर उससे संबंध खत्म करने की बात कही है। प्रेम विवाह को लेकर सामने आई इस घटना ने परिवार की नाराजगी और अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने के अधिकार को लेकर चर्चा छेड़ दी है।
