सरायकेला : बाल कल्याण समिति, सरायकेला के सदस्य एस ए हैदर ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि लड़की के विवाह की आयु 18 साल और लड़का का 21 साल विवाह के लिये कानून के द्वारा निर्धारित किया गया है इससे कम उम्र में विवाह करने पर बाल विवाह के श्रेणी में आता है जो कि अपराध है। इसके लिये कानून में सज़ा का प्रावधान है।इसी तरह 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराना बाल श्रम के श्रेणी में आता है जो कि अपराध है और काम कराने वाले को सज़ा हो सकती है।



सरकार ने शिक्षा के मौलिक अधिकार के तहत जरूरतमन्द बच्चों के लिये स्पांसरशिप योजना चलायी है। वैसे बच्चे जिनके माता या पिता नहीं हैं या जिनके माता और पिता दोनों ही नही हैं उनके पालन पोषण के लिये चार हज़ार रुपये बाल कल्याण समिति के द्वारा दिया जाता है।
चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर कविता मिश्रा ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन का नम्बर 1098 के बारे में जानकारी दी। बच्चों को इसका डेमो करके भी दिखाया कि कैसे ये नम्बर काम करता है। उन्होंने बताया कि बच्चे या उसके परिजन बच्चों को किसी भी मदद की आवश्यकता पड़ने पर इस नम्बर पर कॉल करके मदद ले सकते हैं। इस कार्यक्रम में परामर्शदाता मंगली मार्डी, समीर कुमार महतो, विश्वाजित सिंह मोदक साथ मे विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित थे।
