चांडिल : नारायण प्राइवेट आईटीआई कॉलेज, लुपंगडीह चांडिल में शुक्रवार को महान क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी शहीद सुखदेव थापर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में संस्था के निर्देशक डॉ. जटा शंकर पाण्डे, एडवोकेट निखिल, प्राचार्य जयद्वीप पाण्डे, उप प्राचार्य शांति राम महतो, इंस्ट्रक्टर प्रकाश महतो, शुभम साहू, अजय मंडल, शशिभूषण महतो, संजीत महतो, देवाशीष मंडल, कृष्णा महतो, गौरव महतो सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के निर्देशक डॉ. जटा शंकर पाण्डे ने कहा कि शहीद सुखदेव थापर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि सुखदेव का जन्म 15 मई 1907 को पंजाब प्रांत के नौधरा (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। बचपन से ही वे साहसी, निर्भीक और क्रांतिकारी विचारधारा के समर्थक थे।
उन्होंने कहा कि सुखदेव ने भगत सिंह और राजगुरु के साथ मिलकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों का संचालन किया। वर्ष 1928 में ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की हत्या कर लाला लाजपत राय की मौत का बदला लिया गया था। वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के गठन में भी सहयोगी रहे। लाहौर षड्यंत्र केस में शामिल होने के कारण उन्हें भगत सिंह और राजगुरु के साथ 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में फांसी दी गई थी।
डॉ. पाण्डे ने कहा कि आज के युवाओं को शहीद सुखदेव के साहस, देशभक्ति और क्रांतिकारी विचारों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है, ताकि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने शहीद सुखदेव थापर को श्रद्धांजलि अर्पित की।



