जमशेदपुर : जुगसलाई थाना क्षेत्र के मिल्लत नगर स्थित महतो पाड़ा रोड में इमतियाज जनरल स्टोर के समीप हुई फायरिंग, मारपीट और तोड़फोड़ की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया है। मामले में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, 31 मई 2026 की शाम मिल्लत नगर स्थित इमतियाज जनरल स्टोर के पास कुछ अपराधियों ने रंगदारी और क्षेत्र में दहशत फैलाने की नीयत से फायरिंग की थी। आरोपियों ने दुकान संचालक मोहम्मद इमतियाज के साथ मारपीट की तथा दुकान में रखी वेट मशीन समेत अन्य सामानों में तोड़फोड़ की थी।



पीड़ित के लिखित आवेदन के आधार पर जुगसलाई थाना में कांड संख्या 43/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) के मार्गदर्शन में पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल पांच अपराधियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मो. अरमानुद्दीन उर्फ पलटन ने अपने साथियों के साथ मिलकर घटनास्थल पर दो राउंड हवाई फायरिंग की थी। उसके साथ मो. अरमान उर्फ राज बच्चा, जफर अली उर्फ मुर्गा राजू, मो. आसिफ अंसारी और अमनदीप सिंह भी मौजूद थे।
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 2 जून को मो. अरमानुद्दीन उर्फ पलटन और मो. अरमान उर्फ राज बच्चा को गिरफ्तार किया। इसके बाद 3 जून की रात जफर अली उर्फ मुर्गा राजू, मो. आसिफ अंसारी तथा अमनदीप सिंह को भी जुगसलाई थाना क्षेत्र से धर दबोचा गया। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी मो. अरमानुद्दीन उर्फ पलटन ने घटना में फायरिंग करने की बात स्वीकार की। उसके निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक अवैध देशी पिस्तौल और एक जिंदा गोली बरामद की। इसके अलावा घटनास्थल से एक खोखा, एक पिलेट, एक स्कूटी तथा आरोपियों के पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मो. अरमानुद्दीन उर्फ पलटन का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2023 में जुगसलाई थाना में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे रंगदारी, आपसी विवाद या कोई अन्य आपराधिक साजिश थी। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।



