बड़गांव पहुंचकर घटनास्थल का किया निरीक्षण, डीसी-एसपी के साथ समीक्षा बैठक
पुलिस की कथित लापरवाही के आरोपों की भी होगी जांच, मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी का भरोसा
चतरा/रांची : चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में मोहम्मद इमरोज की कथित मॉब लिंचिंग में हुई मौत के मामले में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है। गुरुवार को आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान, उपाध्यक्ष प्रणेश सोलोमन तथा सदस्य कारी बरकत अली बड़गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात की. आयोग की टीम ने मृतक के परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। परिजनों ने घटना के दौरान हुई कथित मारपीट, पुलिस की मौजूदगी तथा घटना के बाद परिवार को हुई परेशानियों से आयोग को अवगत कराया। इस दौरान आयोग अध्यक्ष ने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल……
परिजनों ने आयोग के समक्ष आरोप लगाया कि घटना के समय पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन भीड़ को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार ने थाना प्रभारी समेत संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। आयोग ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
घटना की पूरी रिपोर्ट ली…..
बड़गांव दौरे के बाद आयोग की टीम ने चतरा परिसदन में उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अब तक की जांच, दर्ज मामलों, आरोपियों की गिरफ्तारी, घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका, पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई गई सहायता तथा प्रशासनिक कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली गई. आयोग ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए और घटना को रोकने में किस स्तर पर चूक हुई।
‘मास्टरमाइंड भी होगा गिरफ्तार’……
बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि मामले की प्रत्येक पहलू से निष्पक्ष जांच होगी। यदि किसी पुलिस अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस कथित मॉब लिंचिंग के मास्टरमाइंड की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी पर अपराध का आरोप है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, भीड़ द्वारा हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
‘हेमंत सरकार में अपराधी नहीं बचेंगे’……
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि राज्य में कानून का राज कायम रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। आयोग केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मामले की प्रगति की लगातार निगरानी करेगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा. आयोग ने प्रशासन को निर्देश दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित गति से पूरी की जाए तथा घटना से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
