जमशेदपुर : जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने मानगो क्षेत्र में भविष्य की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं टाटा स्टील यूआईएसएल से समन्वित पहल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मानगो जैसे घनी आबादी वाले और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर अभी से ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।



सौरभ विष्णु ने लगभग 30 वर्ष पूर्व मानगो बाजार में लगी भीषण आग का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना में सैकड़ों व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। आगजनी की घटना के बाद तत्कालीन उपायुक्त गोरेलाल यादव के प्रयासों से प्रभावित दुकानदारों को पक्के निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे बाजार अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बन सका।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मानगो ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है तथा लगभग 40 वर्ष पुरानी जलापूर्ति पाइपलाइन को बदलने की योजना पर सुभाष नगर से मानगो ब्रिज तक कार्य किया जाना है। राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए करीब 60 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में विकास कार्यों के साथ-साथ क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
सौरभ विष्णु ने मांग की कि नई जलापूर्ति लाइन बिछाने के दौरान ओवरब्रिज के प्रत्येक पिलर के समीप उच्च क्षमता वाले फायर हाइड्रेंट स्थापित किए जाएं। इसके अलावा प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के निकट आपातकालीन जल स्रोत भी विकसित किए जाएं, ताकि आग लगने की स्थिति में अग्निशमन विभाग को तत्काल पानी उपलब्ध हो सके और राहत एवं बचाव कार्य में समय की बचत हो।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में टाटा स्टील यूआईएसएल को पूर्व में पत्र सौंपा जा चुका है। साथ ही पूर्व उपायुक्त अनन्य मित्तल एवं कर्ण सत्यार्थी को भी इस विषय पर पत्र देकर ध्यान आकृष्ट कराया गया था। दोनों अधिकारियों ने प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सौरभ विष्णु ने बताया कि अब उन्होंने वर्तमान उपायुक्त राजीव रंजन को भी पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि दिल्ली सहित अन्य शहरों में हुई बड़ी आगजनी की घटनाओं से सबक लेते हुए मानगो में पहले से ही आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
उन्होंने झारखंड में अग्निशमन व्यवस्था से संबंधित व्यापक नीति एवं विधेयक के लंबित रहने पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि राज्य में अग्नि सुरक्षा को लेकर स्पष्ट एवं प्रभावी नीति का अभाव है, जिससे भविष्य में गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।



