पोटका : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव पर रिश्वत मांगने और थाने में मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में हेंसड़ा गांव निवासी करण बेरा ने वरीय पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है. शिकायतकर्ता करण बेरा ने आरोप लगाया है कि शनिवार देर रात कोवाली थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पिता श्यामा प्रसाद बेरा (50) को गांजा कारोबार में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए थाने चलने को कहा। इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ थाना ले गई।



करण बेरा के अनुसार, जब वह रात में थाना पहुंचे तो उन्होंने अपने पिता के साथ मारपीट होते देखा। विरोध करने पर उन्हें वहां से भगा दिया गया। अगले दिन सुबह जब वे थाना पहुंचे तो जानकारी मिली कि उनके पिता को इलाज के लिए पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके पिता ने बताया कि रातभर उनके साथ मारपीट की गई और एक लाख रुपये देने पर छोड़ने की बात कही गई।
थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार……
वहीं, कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि गांजा तस्करी से संबंधित सूचना के आधार पर कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया था। जांच के दौरान किसी प्रकार की आपत्तिजनक बरामदगी नहीं होने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
थाना प्रभारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता पहले से ही हाई शुगर और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित थे। पूछताछ के दौरान वे अचानक गिर गए, जिससे उन्हें चोट लग गई। पुलिस द्वारा ही उन्हें तत्काल इलाज के लिए पोटका सीएचसी में भर्ती कराया गया। उन्होंने रिश्वत मांगने और मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस विभाग द्वारा मामले की जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



