जमशेदपुर : गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित आरडी टाटा गोलचक्कर के पास रविवार को एक सड़क दुर्घटना के बाद अफवाहों के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया। पिकअप वैन की चपेट में आने से स्कूटी सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दिया। घायल महिला की पहचान साकची गुरुद्वारा बस्ती निवासी खुशबू सिंह के रूप में हुई है।



प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और देखते ही देखते विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया।
पुलिस चेकिंग को लेकर फैली अफवाह से भड़का आक्रोश…..
घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा फैल गई कि ट्रैफिक जांच के दौरान एक पुलिसकर्मी अचानक स्कूटी सवार महिला के सामने आ गया था, जिससे वह संतुलन खो बैठी और सड़क पर गिर गई। आरोप लगाया गया कि इसी दौरान पीछे से आ रही पिकअप वैन ने महिला को कुचल दिया। इस कथित घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी गई और कई लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर जवाब-तलब भी किया।
हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने संभाला मोर्चा……
स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाता देख प्रशासन ने तत्काल क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को मौके पर भेजा। अधिकारियों ने लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद सड़क जाम हटवाकर यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया।
CCTV फुटेज ने बदल दी पूरी कहानी…..
घटना के कुछ समय बाद जिला पुलिस द्वारा जारी किए गए CCTV फुटेज ने पूरे मामले की तस्वीर साफ कर दी। फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि स्कूटी सवार महिला साकची से बर्मामाइंस की ओर जा रही थी और इसी दौरान वह सीधे पिकअप वैन की चपेट में आ गई। वीडियो में कहीं भी पुलिस चेकिंग या किसी पुलिसकर्मी की वजह से दुर्घटना होने का कोई संकेत नहीं मिला।
अफवाहों से बचने की अपील…
डीएसपी ट्रैफिक नीरज पाठक ने स्पष्ट किया कि इस दुर्घटना का ट्रैफिक चेकिंग अभियान से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर फैली अफवाहों के कारण अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी घटना को लेकर अफवाह फैलाने से बचें तथा तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।
अफवाह बनाम हकीकत…..
एक सड़क हादसे ने कुछ ही मिनटों में अफवाहों का रूप ले लिया और हालात तनावपूर्ण हो गए। हालांकि CCTV फुटेज सामने आने के बाद सच्चाई उजागर हो गई और यह स्पष्ट हो गया कि दुर्घटना का पुलिस कार्रवाई से कोई संबंध नहीं था। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अधूरी जानकारी और अफवाहें समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती हैं।



