जमशेदपुर : कोल्हान क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को ब्रेन मलेरिया ने सीआरपीएफ की 197वीं बटालियन के एक जवान की जान ले ली। मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात जवान पिंटू कुमार साव (35 वर्ष) का बुधवार सुबह एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। घटना के बाद सीआरपीएफ जवानों में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के फरीदपुर गांव निवासी पिंटू कुमार साव की ड्यूटी चाईबासा क्षेत्र में लगी थी। ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मुसाबनी स्थित सीआरपीएफ कैंप लाया गया। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने पर 28 जुलाई को उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
पोस्टमार्टम हाउस में दी गई अंतिम सलामी……
बुधवार को एमजीएम अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में जवान का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद सीआरपीएफ अधिकारियों एवं जवानों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। श्रद्धांजलि समारोह में मृतक के परिजन भी मौजूद रहे। पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम विदाई के दौरान साथी जवानों की आंखें भी नम हो गईं। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव फरीदपुर (वैशाली, बिहार) अंतिम संस्कार के लिए रवाना कर दिया गया।
कोल्हान में लगातार बढ़ रहा ब्रेन मलेरिया का खतरा……
कोल्हान क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार सुबह ही पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा प्रखंड के पहाड़डीहा गांव में ब्रेन मलेरिया से दो नाबालिग बच्चियों की मौत हो गई। वहीं पूर्वी सिंहभूम जिले में भी बीमारी का प्रकोप गंभीर होता जा रहा है। जिले में अब तक ब्रेन मलेरिया से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।