जमशेदपुर : कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) जमशेदपुर में कथित भ्रष्टाचार, श्रमिकों के उत्पीड़न तथा स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं को लेकर ब्रजवंदना फाउंडेशन ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। संस्था ने इस संबंध में साक्ष्यों सहित विस्तृत शिकायत ESIC मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय रांची, केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार को भेजी है. ब्रजवंदना फाउंडेशन की ओर से भेजी गई शिकायत में ESIC की गोलमुरी शाखा कार्यालय एवं कुछ सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों (SSO) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। संस्था ने आरोप लगाया है कि श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें विभिन्न स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी तथा कथित रिश्वतखोरी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।



संस्था ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि श्रमिकों का विश्वास ESIC व्यवस्था में बना रहे. इस संबंध में एक ज्ञापन पूर्व मंत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी के विधायक Saryu Roy को भी सौंपा गया। विधायक की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि नीरज सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
ब्रजवंदना फाउंडेशन ने कहा कि श्रमिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। संस्था का कहना है कि “श्रमिकों का स्वास्थ्य उनका अधिकार है, भ्रष्टाचार नहीं। ESIC व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार समय की मांग है।” संस्था ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएंगे।



